मृतक आश्रित कोटे से नौकरी के लिए दर-दर भटक रही रेनू को डीएम ने दिलाया न्याय, मात्र 5 दिन में पूरे कराए दस्तावेज – uttarakhandawaaz.in

मृतक आश्रित कोटे से नौकरी के लिए दर-दर भटक रही रेनू को डीएम ने दिलाया न्याय, मात्र 5 दिन में पूरे कराए दस्तावेज

देहरादून ,

पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाने की आस में नगर निगम और तहसील के चक्कर काट रही रेनू की गुहार आखिरकार जिलाधिकारी सविन बंसल तक पहुंची। डीएम ने जनता दर्शन के दौरान मामले को गंभीरता से लेते हुए न सिर्फ अधिकारियों को तलब किया, बल्कि मात्र 5 दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज पूरे करवाकर नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए।

जनता दर्शन में विधवा रेनू की गुहार

7 जुलाई को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में देहरादून की रेनू ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि उनके पति सुरेन्द्र सिंह, नगर निगम देहरादून में नियमित पर्यावरण मित्र के पद पर कार्यरत थे। उनकी मृत्यु 17 अप्रैल 2025 को हो गई। रेनू की दो बेटियां हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने नगर निगम में सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।

डीएम की सख्ती, अधिकारियों को फटकार

मामले को सुनते ही डीएम सविन बंसल ने नगर निगम और तहसील के अधिकारियों को तत्काल तलब किया और पूछा कि जब मृतक आश्रित कोटे में नौकरी देने का स्पष्ट प्रावधान है, तो नियुक्ति में देरी क्यों की जा रही है। डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “यह विधवा महिला का अधिकार है, न कि कोई अहसान।” उन्होंने एमएनए (मुख्य नगर अधिकारी) को रेनू की त्वरित नियुक्ति के निर्देश दिए।

तहसील से आख्या भेजी, नौकरी की उम्मीद जगी

डीएम के आदेश पर तहसील द्वारा तुरंत आख्या नगर निगम को प्रेषित की गई, जिससे रेनू को अब अपने पति के स्थान पर नौकरी मिलने की उम्मीद बंधी है।


जनता दर्शन बना समाधान का मंच

जिलाधिकारी द्वारा हर सोमवार आयोजित किए जा रहे जनता दर्शन कार्यक्रम आम जनमानस की समस्याओं के तत्काल समाधान का प्रभावी मंच बनता जा रहा है। अब यह मंच केवल राजस्व विभाग तक सीमित न रहकर नगर निगम, प्राइवेट कंपनियों और संस्थाओं तक की शिकायतों के समाधान का जरिया बन गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *