हरिद्वार ,
हरिद्वार के वंदना कटारिया स्टेडियम में आयोजित 42वीं नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप और 28वीं नेशनल पूमसे ताइक्वांडो चैंपियनशिप का रविवार को भव्य समापन हुआ।
उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने इस अवसर पर विजेता खिलाड़ियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया। इन प्रतियोगिताओं में 18 राज्यों से आए 700 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
🏆 मुख्य बातें:
- खेल मंत्री ने कहा, “उत्तराखंड अब खेल पर्यटन का भी तीर्थ बन गया है।”
- बीते तीन दिनों में आयोजित चार राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताएं इस बदलाव का प्रमाण हैं।
- खिलाड़ियों से आह्वान किया कि 2036 ओलंपिक को लक्ष्य बनाएं और तैयारी में जुटें।
- “उत्तराखंड में जिस तरह हर घर से एक सैनिक निकलता है, वैसे ही अब हर घर से एक खिलाड़ी निकले,” – रेखा आर्या
🎤 मंत्री के विचार:
रेखा आर्या ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन, प्रतिबद्धता, ईमानदारी और समर्पण जैसे जीवन मूल्यों की सीख भी देता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले खिलाड़ी भविष्य में भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।
👥 मौजूद प्रमुख हस्तियां:
- डा. जिमी आर जगत्यानी – फादर ऑफ ताइक्वांडो इन इंडिया
- पीटर जगत्यानी – निदेशक, ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया
- शबाली गुरुंग – जिला खेल अधिकारी
- अवधेश कुमार – अध्यक्ष, देवभूमि उत्तराखंड ताइक्वांडो एसोसिएशन
- राहुल धीमान – महासचिव
- मनोज त्यागी, आनंद भारती, जितेंद्र सिंह – तकनीकी निदेशक व अन्य अधिकारी
📸 समापन समारोह की झलकियों के साथ खेल प्रेमियों के लिए यह आयोजन प्रेरणास्रोत बना। आयोजन ने यह संकेत दिया कि उत्तराखंड की धरती अब केवल अध्यात्म की नहीं, बल्कि उभरते खिलाड़ियों की भी पहचान बन रही है।
