देहरादून/चमोली ,
चमोली जनपद के कौब गांव निवासी युवक राजेश के साथ पंजाब में हुए उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी चमोली को निर्देशित किया कि राजेश और उसके परिजनों से संपर्क कर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
🧑🌾 मूल मामला:
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राजेश, जो वर्षों से पंजाब के तरनतारन जिले में एक तबेले (डेयरी फार्म) में काम कर रहा था, का उत्पीड़न किया जा रहा था।
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हाल ही में उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह सामाजिक संस्था के कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते हुए अपने उत्पीड़न की जानकारी देता है और अपने गांव कौब (चमोली) का उल्लेख करता है।
📌 मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन सक्रिय:
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जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने राजेश के परिवार से संपर्क कर उन्हें मदद का आश्वासन दिया।
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उन्होंने पंजाब के तरनतारन जनपद के डीएम से बात कर मामले में तत्काल कार्यवाही करने को कहा।
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साथ ही राजेश की बहन, जो नवांशहर (पंजाब) में निवास करती हैं, से भी संपर्क स्थापित कर प्रशासनिक सहायता सुनिश्चित की गई है।
📝 कानूनी कार्यवाही भी शुरू:
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उत्पीड़न के आरोपी तबेला संचालक के विरुद्ध तरनतारन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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संबंधित सोशल संस्था, जिसकी मदद से यह मामला सामने आया, की भूमिका को भी सराहा जा रहा है।
📣 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का रुख:
“राज्य के किसी भी नागरिक के साथ अन्य राज्यों में अन्याय या उत्पीड़न को सहन नहीं किया जाएगा। पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
— मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
निष्कर्ष:
राज्य सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया और अंतरराज्यीय प्रशासनिक समन्वय से यह स्पष्ट है कि प्रवासी उत्तराखंडी नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यह कदम न केवल पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है, बल्कि अन्य प्रवासी कामगारों के लिए भी भरोसे का संदेश है।