देहरादून,
देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज अपना 67वां जन्मदिन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान में बच्चों के बीच मनाया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दृष्टिबाधित बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया बधाई गीत राष्ट्रपति सहित सभी उपस्थितजनों को भावुक कर गया।
बच्चों के मधुर सुरों और आत्मीयता से भरे प्रदर्शन से स्वयं राष्ट्रपति मुर्मू भी भावुक हो उठीं और उन्होंने बच्चों को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद भी दिया।
राष्ट्रपति के साथ कई विशिष्टजन रहे मौजूद
इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रपति को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा देशभर में चलाए जा रहे योजनाओं व पहलों की जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार दृष्टि बाधित और अन्य दिव्यांगजनों के लिए समावेशी शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को लगातार बढ़ावा दे रही है।
राज्य के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
इस भावनात्मक और प्रेरणादायक कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी भाग लिया। दोनों ने राष्ट्रपति को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और संस्थान के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री धामी ने इस मौके पर कहा,
“राष्ट्रपति महोदया का यह निर्णय कि वे अपने जन्मदिन पर दृष्टि दिव्यांग बच्चों के बीच रहेंगी, हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। यह समाज के वंचित वर्गों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और करुणा को दर्शाता है।”
संस्थान के बच्चों से आत्मीय संवाद
राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम के बाद बच्चों से मुलाकात की और उनकी पढ़ाई, प्रशिक्षण व भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानने की उत्सुकता दिखाई। उन्होंने संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और इसके विकास के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
निष्कर्ष:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह जन्मदिन सादगी, सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल बन गया। देहरादून स्थित दृष्टि दिव्यांगजन संस्थान में मनाया गया यह कार्यक्रम न केवल भावनात्मक था बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति बढ़ती चेतना और समर्पण का भी प्रतीक रहा।