उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 12 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, सरकारी सेवाओं और परिवहन नीति में आए बड़े बदलाव

 देहरादून ,

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर सरकारी सेवाओं, भर्ती प्रक्रिया, पर्यावरण मित्रों के अधिकार, परिवहन नीतियों और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की संरचना पर पड़ेगा।


कैबिनेट के प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:

1. NPS कर्मचारियों को मिलेगा ग्रैच्युटी का लाभ

राज्य सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत नियुक्त कर्मचारियों की पूर्व सेवाओं को उपादान (Gratuity) के लिए संगणनित करने का निर्णय लिया। यह फैसला भारत सरकार के 2020 के आदेश के अनुरूप है।


2. सिपाही और उपनिरीक्षक की भर्ती नियमावली 2025 को मंजूरी

राज्य में वर्दीधारी पदों (सिपाही व उपनिरीक्षक) की सीधी भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता लाने के लिए नई चयन नियमावलियाँ, 2025 लागू की जाएंगी। इससे प्रतियोगी छात्रों को पारदर्शिता और समान अवसर मिलेगा।


3. पर्यावरण मित्रों के आश्रितों को मिलेगा मृतक आश्रित का लाभ

वन टाइम सेटेलमेंट के तहत विनियमित 859 पर्यावरण मित्रों के निधन पर अब उनके आश्रितों को मृतक आश्रित नियमावली 1974 के तहत लाभ मिलेगा। 2016 के पुराने शासनादेश में संशोधन कर यह राहत दी गई है।


4. ‘स्वच्छ गतिशीलता नीति 2024’ में संशोधन

परिवहन विभाग की क्लीन मोबिलिटी ट्रांजिशन फंड को अब एसएनए (SNA) खाता बनाकर आईएफएमएस (IFMS) से जोड़ा जाएगा। पहले प्रस्तावित एस्क्रो खाता खोलने में आ रही तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।


5. हाईब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स में छूट

मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम, 2003 में संशोधन करते हुए स्ट्रांग हाईब्रिड और प्लग-इन हाईब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों को एक बार के लिए कर छूट देने का फैसला किया गया है। यह छूट केवल वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मान्य होगी।


6. अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का ढांचा होगा मजबूत

UKSSSC (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) के कामकाज को सुदृढ़ बनाने के लिए 15 नए पदों के सृजन का निर्णय लिया गया:

  • 1 नियमित पद (उप सचिव)

  • 14 आउटसोर्स पद (डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर प्रोग्रामर, वाहन चालक, सुरक्षा कर्मी आदि)


📝 महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि और उद्देश्य:

  • ये निर्णय राज्य प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में हैं।

  • भर्ती प्रक्रिया को सरल, एकसमान और अभ्यर्थी-हितैषी बनाया जा रहा है।

  • स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में राज्य सरकार का स्पष्ट झुकाव है।


🗣️ विशेषज्ञों का मत:
नीतिगत मामलों पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि ये फैसले प्रशासनिक ढांचे को अधिक डिजिटल, युवा-उन्मुख और पर्यावरणीय दृष्टि से जागरूक बना रहे हैं।

📍 इन फैसलों के बाद राज्य में नई भर्ती योजनाएं और परिवहन सुधारों की दिशा में ठोस काम होते दिखाई देंगे।

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