गडकरी और धामी ने ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में की शिरकत, गडकरी को मिला ‘डॉक्टरेट ऑफ साइंस’ सम्मान

देहरादून ,

देहरादून स्थित ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी का 12वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को भव्य रूप से आयोजित हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।

इस दीक्षांत समारोह की खास बात यह रही कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को विश्वविद्यालय द्वारा “डॉक्टरेट ऑफ साइंस” की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। उन्होंने इस मंच से युवाओं को संबोधित करते हुए जीवन, करियर, तकनीकी विकास और राष्ट्र निर्माण पर प्रेरणादायक बातें साझा कीं।


गडकरी ने युवाओं को बताया ‘वेल्थ क्रिएटर’

नितिन गडकरी ने कहा:

“आज का दिन छात्रों के परिश्रम और समर्पण का उत्सव है। यह डिग्री न सिर्फ एक शैक्षणिक उपाधि है, बल्कि यह जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। हमारे देश के पास दुनिया का सबसे युवा और प्रतिभाशाली जनसंपदा है। हमारी सोच नौकरी मांगने की नहीं, नौकरी देने की होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ईमानदारी, विश्वसनीयता और सीखने की जिज्ञासा ही युवाओं को आगे ले जा सकती है। युवाओं को उन्होंने सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखने की सलाह दी।


गडकरी ने बताए भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी के लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में ब्रिज, टनल और एक्सप्रेसवे जैसे निर्माण कार्यों में बीते वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ते कदमों का ज़िक्र करते हुए कहा:

“हाइड्रोजन गैस हमारा भविष्य का ईंधन है। ऑर्गेनिक वेस्ट से हाइड्रोजन बनाकर सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा समाधान विकसित किए जा रहे हैं।”

उन्होंने बताया कि वे स्वयं हाइड्रोजन-ईंधन वाली गाड़ी का उपयोग करते हैं, जिससे पर्यावरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता झलकती है।


मुख्यमंत्री धामी ने गडकरी को बताया ‘आधुनिक भारत का विश्वकर्मा’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नितिन गडकरी के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें “आधुनिक भारत का विश्वकर्मा” कहा। उन्होंने कहा:

“गडकरी जी के नेतृत्व में देश भर में विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे, ग्रीन कॉरिडोर और लॉजिस्टिक हब का निर्माण हो रहा है।”

उन्होंने युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया और बताया कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति के तहत युवाओं को AI, मशीन लर्निंग, और बिग डेटा जैसे भविष्य के पाठ्यक्रमों से लैस कर रही है।


राज्य में साइंस रिसर्च और रोजगार को लेकर प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने बताया:

  • देहरादून, हल्द्वानी, अल्मोड़ा में साइंस सेंटर बन रहे हैं।

  • इन्क्यूबेशन सेंटर और स्टार्टअप योजनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

  • उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

  • पिछले तीन वर्षों में 23,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, ग्राफिक एरा के अध्यक्ष प्रो. कमल घनसाला, कुलाधिपति एवं नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के सारस्वत, और कुलपति प्रो. नरपिंदर सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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