नई दिल्ली,
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर राज्य की विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं, धार्मिक पर्यटन योजनाओं और वनाग्नि प्रबंधन के प्रस्तावों को लेकर अहम चर्चा की।
🔋 ऊर्जा सुरक्षा के लिए परियोजनाओं की स्वीकृति का आग्रह
मुख्यमंत्री ने त्यूनी-प्लासू जल विद्युत परियोजना (72 मेगावाट) और सिरकारी भ्योल रुपसियाबगड जल विद्युत परियोजना (120 मेगावाट) को शीघ्र वन भूमि हस्तांतरण और पर्यावरणीय स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है, इसलिए स्वदेशी, पर्यावरण-अनुकूल जल विद्युत परियोजनाएं राज्य के लिए आवश्यक हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि:
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त्यूनी-प्लासू परियोजना हेतु 47.547 हेक्टेयर वन एवं राजस्व भूमि की आवश्यकता है।
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रुपसियाबगड परियोजना के लिए 29.997 हेक्टेयर वन भूमि की स्वीकृति अपेक्षित है।
इन परियोजनाओं से स्थानीय रोजगार, सामाजिक-आर्थिक विकास और पलायन रोकने में मदद मिलेगी।
🛕 धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री धामी ने त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर तक रोपवे परियोजना को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से स्वीकृति दिलाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह योजना तीर्थयात्रियों को सुविधा देने के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल देगी।
🕉️ बीटल्स आश्रम (चौरासी कुटिया) के पुनरुद्धार का अनुरोध
ऋषिकेश में स्थित ऐतिहासिक बीटल्स आश्रम के पुनरुद्धार के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा गया। इससे ऋषिकेश को योग और आध्यात्मिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में और मजबूती मिलेगी।
🔥 वनाग्नि प्रबंधन के लिए विशेष सहायता की मांग
राज्य में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कैम्पा योजना के अंतर्गत 404 करोड़ रुपये की पंचवर्षीय वनाग्नि प्रबंधन योजना हेतु विशेष सहायता का भी अनुरोध किया।
🤝 केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री को राज्यहित के सभी प्रस्तावों पर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम और स्थानिक आयुक्त श्री अजय मिश्रा भी उपस्थित रहे।
