मंगलौर और बद्रीनाथ निर्वाचन क्षेत्र के लिए जल्द से जल्द उपचुनाव कराने की मांग
देहरादून ,
उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम से मुलाकात कर ज्ञापन दिया। दसौनी ने बताया कि स्वर्गीय सरवत करीम अंसारी जो की 33-मंगलौर विधानसभा क्षेत्र से पांचवीं उत्तराखंड विधान सभा के लिए विधायक चुने गए थे उनके चुनाव को काजी निजामुद्दीन द्वारा उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिसे शरबत करीम अंसारी के इंतकाल के बाद वापस लेने की एप्लीकेशन नवंबर महीने में ही डाल दी गई थी। दसौनी ने बताया कि उस पर उच्च न्यायालय का आदेश बीते रोज जारी कर दिया गया जिसमें याचिका वापस लेने की बात स्वीकार कर ली गई है। दसौनी ने बताया की चूंकि सरवत करीम अंसारी का निधन 30 अक्टूबर .2023 को हो चुका है, उनके निधन के परिणामस्वरूप, आरपी अधिनियम, 1951 की धारा 150 के अनुसार एक आकस्मिक रिक्ति उत्पन्न हुई, जिसे धारा 151-ए के अनुसार छह महीने के भीतर यानी 30 अप्रैल, 2024 के भीतर भरा जाना आवश्यक है। इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से निवेदन किया कि मंगलौर और बद्रीनाथ निर्वाचन क्षेत्र के लिए जल्द से जल्द उपचुनाव कराया जाए। इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को बताया कि 30 अप्रैल 2024 को स्वर्गीय सरबत करीम अंसारी के इंतकाल हुए छह महीने का समय पूरा हो जाएगा,उक्त निर्वाचन क्षेत्र जिसका 30 अक्टूबर 2023 से कोई प्रतिनिधित्व नहीं है, को उत्तराखंड विधानसभा में अपना निर्वाचित प्रतिनिधि दिलवाने का अनुरोध किया है।