भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष फोकस; 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2027 तक होगा कुंभ मेला
देहरादून ,
राज्यपाल ने आगामी कुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा के दौरान मेले में तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित व्यवस्थाओं, आधुनिक सर्विलांस प्रणाली और प्रभावी भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर अनुभव के लिए उपलब्ध आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि मेले की व्यवस्थाओं में NCC, विश्वविद्यालयों, पूर्व सैनिकों, स्वयंसेवी संगठनों और अन्य स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्वच्छता और सैनिटेशन व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा आयोजन
राज्यपाल ने कहा कि कुंभ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और राज्य की प्रतिष्ठा से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। मेले के सफल आयोजन से प्रदेश को आर्थिक और पर्यटन की दृष्टि से लाभ मिलने के साथ उत्तराखंड की सकारात्मक छवि को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने मेले की व्यवस्थाओं से जुड़े सभी विभागों और संस्थाओं के बीच निरंतर समन्वय तथा प्रभावी संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चार जिलों और 32 सेक्टरों में बांटा जाएगा कुंभ क्षेत्र
मेला अधिकारी सोनिका ने जानकारी दी कि कुंभ मेला 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2027 तक आयोजित होगा। इस दौरान कुल 10 स्नान पर्व होंगे, जिनमें चार अमृत स्नान शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि कुंभ क्षेत्र को चार जिलों और 32 सेक्टरों में विभाजित कर व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों, पुलों और सड़कों सहित स्थायी निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। इसके साथ ही अस्थायी टेंट सिटी और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास का कार्य भी जारी है।
मेले से जुड़े सभी लाइन विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए मॉक ड्रिल और अभ्यास
पुलिस महानिरीक्षक कुंभ ने राज्यपाल को सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए विस्तृत प्लान तैयार किया जा रहा है। संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मॉक ड्रिल और अन्य अभ्यास किए जा रहे हैं।
एसडीआरएफ, पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।