देहरादून ,
सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण संबंधी एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य आन्दोलनकारियों से जुड़े विभिन्न लंबित प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने उपस्थित आंदोलनकारियों के सुझाव सुने और उनकी शंकाओं का समाधान किया।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपनी-अपनी तहसीलों में लंबित चिन्हीकरण प्रकरणों एवं सूचियों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए 7 दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण का पारदर्शी एवं तथ्यपरक परीक्षण किया जाए।
डीएम ने निर्देश दिए कि चिन्हीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सहभागी बनाने के लिए संबंधित क्षेत्रीय आन्दोलनकारी समितियों के सदस्यों को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाए, जिससे वास्तविक आन्दोलनकारियों के मामलों का निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित हो सके। साथ ही संबंधित विभागों को लंबित मामलों से संबंधित आख्या एवं अभिलेख 7 दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि शासन द्वारा वर्ष 2021 तक प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए 6 माह का समय विस्तार दिया गया है। जिला प्रशासन ने इस अवधि के भीतर सभी लंबित मामलों के त्वरित एवं न्यायसंगत निस्तारण के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। जिन आन्दोलनकारियों के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं, उनके चिन्हीकरण के लिए वरिष्ठ आंदोलनकारियों एवं समिति सदस्यों के शपथपत्र के आधार पर प्रक्रिया पूरी करने हेतु शासन को अनुरोध पत्र भेजा गया है, जिस पर निर्णय लंबित है।
बैठक में उपस्थित राज्य आन्दोलनकारियों ने चिन्हीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने और सकारात्मक पहल के लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान होगा और पात्र आन्दोलनकारियों को न्याय मिल सकेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित कई राज्य आंदोलनकारी उपस्थित रहे।