उत्तराखंड में बिजली संकट गहराया: मांग 4.5 करोड़ यूनिट पहुंची, आपूर्ति सिर्फ 2.3 करोड़ – uttarakhandawaaz.in

उत्तराखंड में बिजली संकट गहराया: मांग 4.5 करोड़ यूनिट पहुंची, आपूर्ति सिर्फ 2.3 करोड़

देहरादून ,

उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे प्रदेश में बिजली संकट की स्थिति बन गई है। पिछले 12 दिनों में बिजली की मांग 3.8 करोड़ यूनिट से बढ़कर 4.5 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है, जबकि उपलब्धता केवल 2.3 करोड़ यूनिट ही है। गैस की कमी के कारण गैस आधारित पावर प्लांट भी बंद पड़े हैं, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।

प्रदेश में बिजली की कमी के कारण पिछले दो दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ छोटे कस्बों और स्टील फर्नेस इंडस्ट्री में भी बिजली कटौती शुरू कर दी गई है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के ग्रामीण इलाकों में लगभग 2 से 2.5 घंटे की कटौती की जा रही है, जबकि छोटे कस्बों में 1 से 1.5 घंटे और स्टील फर्नेस उद्योगों में करीब 2 घंटे बिजली बंद रखी जा रही है।

यूपीसीएल के अनुसार बाजार में बिजली की भारी कमी है। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में भी 10 रुपये प्रति यूनिट से कम कीमत पर बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसे में यूपीसीएल को बाजार से करीब 70 लाख यूनिट बिजली खरीदनी पड़ रही है।

गैस संकट से उत्पादन ठप

इजराइल-ईरान युद्ध के कारण गैस की किल्लत बढ़ गई है, जिससे गैस आधारित पावर प्लांट प्रभावित हो रहे हैं। काशीपुर स्थित 214 मेगावाट क्षमता का श्रावंती-गामा कंपनी का प्लांट गैस न मिलने के कारण बंद पड़ा है। अगर बाजार से महंगी गैस खरीदकर उत्पादन किया जाता है, तो यूपीसीएल को बिजली 10 रुपये प्रति यूनिट से भी अधिक कीमत पर मिल सकती है।

150 मेगावाट बिजली खरीद पर रोक

यूपीसीएल ने 500 मेगावाट बिजली खरीद के लिए पीपीए किया था, जिसमें से 350 मेगावाट बिजली तकनीकी कारणों से नहीं मिल पाई। वहीं शेष 150 मेगावाट बिजली की खरीद पर भी नियामक आयोग ने फिलहाल रोक लगा दी है। जानकारी के अनुसार, इसके लिए दोबारा नियामक आयोग से अनुमति लेनी होगी।

यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का कहना है कि बढ़ती मांग के बीच बाजार से बिजली खरीदकर आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अगर मांग इसी तरह बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में बिजली संकट और गहरा सकता है।

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