देहरादून ,
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद देहरादून में सघन एनीमिया रोकथाम एवं पोषण सुदृढ़ीकरण अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 7 मार्च से 7 अप्रैल तक चलाया जाएगा।
अभियान के तहत जिले में चिन्हित रक्ताल्पता (एनीमिया) से ग्रसित मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 6 से 59 माह आयु के बच्चों को आयरन-फोलिक एसिड (IFA) की टैबलेट और सिरप निःशुल्क दिए जाएंगे। साथ ही जिन मरीजों को गंभीर एनीमिया की समस्या होगी, उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपचार के लिए भेजा जाएगा।
इस अभियान में एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में एनीमिया से प्रभावित महिलाओं और बच्चों की पहचान करेंगे। वहीं आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गांव और समुदाय स्तर पर लोगों को जागरूक करने के साथ बैठकों और शिविरों के माध्यम से लाभार्थियों को अभियान की जानकारी देंगी। इसमें पंचायती राज प्रतिनिधि और सिविल सोसायटी के सदस्य भी सहयोग करेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य एनीमिया से पीड़ित महिलाओं और बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराना है। गंभीर मामलों में मरीजों को उच्च चिकित्सा इकाइयों में रेफर किया जाएगा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एनएचएम) डॉ. बिमलेश जोशी के अनुसार, जिले में इस अभियान के तहत 1,85,024 से अधिक बच्चों को आईएफए सिरप देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 29,532 गर्भवती महिलाओं और 17,719 स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड की खुराक दी जाएगी।
अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आईएफए की गोलियां और सिरप पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिए गए हैं।