देहरादून ,
राजधानी देहरादून के तिब्बती मार्केट के पास हुए हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। कर्नल पुत्र अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े हत्या के बाद पुलिस पर मामले का शीघ्र खुलासा करने का दबाव था। अब दून पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए साजिश की गुत्थी लगभग सुलझा लेने का दावा किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस एक्शन मोड में नजर आई। फरार चल रहे दो शूटर—यमकेश्वर (पौड़ी) निवासी सगे भाई राजू राणा और पंकज राणा—को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान दोनों के पैरों में गोली लगी। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने पूछताछ में हत्याकांड के पीछे कारोबारी विनोद उनियाल का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में लिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कारोबारी विनोद उनियाल और मृतक अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा के बीच करीबी संबंध बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अर्जुन के पिता—जो सेना में कर्नल थे—की शहादत के बाद विनोद परिवार के संपर्क में आया और कथित तौर पर परिवार की संपत्तियों के लेन-देन में दखल देने लगा।
बताया जा रहा है कि अर्जुन को आशंका थी कि उसकी हिस्सेदारी की जमीन बेची जा सकती है। इसी मुद्दे को लेकर परिवार में तनाव बढ़ता गया। यह भी सामने आया है कि अर्जुन की मां ने पूर्व में अपने बेटे से खतरे की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी।
ड्राइवर निकला साजिश की कड़ी
पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार राजू राणा को विनोद उनियाल का ड्राइवर बताया जा रहा है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर पूरी साजिश का खुलासा किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अर्जुन की हत्या के एवज में शूटरों को 12 से 15 लाख रुपये की डील तय हुई थी। दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
किनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर?
मृतक की पत्नी अभिलाषा शर्मा की तहरीर पर थाना डालनवाला में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में बीना शर्मा, कारोबारी विनोद उनियाल, उनकी पत्नी संगीता उनियाल तथा एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के मालिक डॉ. अजय खन्ना को नामजद किया गया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच की दिशा तय, और नाम आ सकते हैं सामने
पुलिस संपत्ति विवाद, आपसी संबंधों में तनाव और कथित आपराधिक साजिश—इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तार शूटरों से पूछताछ में कुछ और बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही पूरे हत्याकांड का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।