राजधानी दून में समूह की महिलाओं ने तैयार की दिवाली के लिए एलईडी लाइट, 100 से 150 रुपये की आय – uttarakhandawaaz.in

राजधानी दून में समूह की महिलाओं ने तैयार की दिवाली के लिए एलईडी लाइट, 100 से 150 रुपये की आय

देहरादून ,

राजधानी देहरादून के रायपुर विकासखंड की महिलाओं ने इस दीपावली “वोकल फॉर लोकल” की मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (SHG) दिवाली के लिए घर सजाने वाली एलईडी लड़ी तैयार कर बाजार में बेच रहे हैं।

इन महिलाओं ने चाइनीज़ सजावटी सामान के उपयोग को कम करने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया है।


💡 1.20 लाख एलईडी लड़ी बनाने का लक्ष्य

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की मदद से रायपुर ब्लॉक की करीब 300 महिलाओं ने 1 लाख 20 हजार एलईडी लड़ी पैकेट तैयार करने का लक्ष्य रखा था।
अब तक इनमें से 1 लाख से अधिक पैकेट तैयार कर बाजार में बेचे जा चुके हैं।

हर पैकेट में 12 फीट लंबी 10 एलईडी लड़ियां शामिल हैं, जिसकी पैकेजिंग भी महिलाएं स्वयं कर रही हैं।
बाजार में एक पैकेट की कीमत 1000 से 1200 रुपये है, जिससे हर महिला को 100 से 150 रुपये तक की आय हो रही है।


💰 आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण

एनआरएलएम द्वारा थानो न्याय पंचायत की महिलाओं को इस प्रोजेक्ट के लिए

  • 12 लाख रुपये का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (6% ब्याज पर)

  • और 5 लाख रुपये का कोऑपरेटिव लोन (0% ब्याज पर) उपलब्ध कराया गया।

इससे महिलाओं ने अपने समूहों के माध्यम से एलईडी लाइट निर्माण इकाइयां स्थापित कीं और रोजगार सृजन किया।


👩‍🔧 आत्मनिर्भरता की ओर महिलाएं

दिव्य ज्योति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष ममता कोठियाल ने बताया कि

“मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना हमारे लिए वरदान साबित हुई है। हमें 1.20 लाख एलईडी लाइट बनाने का टारगेट मिला था, जिसे हमने पूरा कर लिया है और अब उचित मूल्य पर बेच रहे हैं।”


🏛️ प्रशासन का सहयोग

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि त्योहार सीजन को देखते हुए रायपुर ब्लॉक के वाइब्रेंट ग्रोथ सेंटर में महिलाओं द्वारा एलईडी लाइट तैयार की जा रही है।

“महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाए जा रहे हैं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें,” उन्होंने कहा।


🗣️ मुख्यमंत्री धामी का दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि ग्रामीण महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
इस पहल ने न केवल महिलाओं की आजीविका को मजबूत किया है, बल्कि स्थानीय उद्योगों के विकास को भी नया आयाम दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *