देहरादून,
प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने, आपदा प्रबंधन में विफलता और पंचायत चुनावों में धांधली के आरोपों को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई दिग्गज नेताओं के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने राजभवन कूच किया।
नारे और टकराव
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर गद्दी छोड़” और “गुंडागर्दी की सरकार नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए। राजपुर रोड होते हुए जब जुलूस कैंट रोड पर पुलिस बैरिकेडिंग तक पहुँचा तो वहां धक्का-मुक्की और नारेबाजी हुई। कई नेता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जबकि कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए।
गिरफ्तारी और रिहाई
करीब 2 बजे पुलिस ने कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा समेत 150 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा। बाद में सभी को शाम साढ़े तीन बजे रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस का आरोप
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करण माहरा ने कहा कि भाजपा शासन में महिलाओं पर अत्याचार, बलात्कार और हत्या की घटनाएँ बढ़ी हैं और इनमें कई मामलों में सत्ता पक्ष के लोग शामिल पाए गए हैं।
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पंचायत चुनावों को “वोटों की डकैती” करार देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश को बिहार-यूपी जैसी गुंडाराज की तरफ धकेल दिया है।
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आपदा प्रबंधन पर उन्होंने कहा कि जनता त्राहिमाम कर रही है, लेकिन सरकार सिर्फ “गुलदस्ते भेंट करने” में व्यस्त है।
यशपाल आर्य का हमला
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कानून व्यवस्था — हर क्षेत्र में भाजपा सरकार पूरी तरह विफल रही है और जनता को केवल निराशा मिली है।
जन आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि अब यह लड़ाई “आर-पार” की होगी। कांग्रेस आने वाले विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सड़कों पर उतरकर व्यापक जन आंदोलन चलाएगी।