घनी आबादी में हाई फ्रीक्वेंसी टावर पर शिकंजा, नियमविरुद्ध निर्माणों का होगा “विध्वंस” – डीएम सविन बंसल
देहरादून,
देहरादून जिले में मोबाइल टावरों की अंधाधुंध स्थापना पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। बिना अनुमति और मानकों की अनदेखी कर लगाए गए हाई फ्रीक्वेंसी मोबाइल टावरों को सील कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब टावर का खूंटा-कील भी बगैर अनुमति लगेगा तो तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
📍 कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
-
सेलाकुई के बहादुरपुर गांव व रामबाग हरबर्टपुर (वार्ड 05) में घनी आबादी के बीच स्थापित टावर सील किए गए।
-
शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर तहसील विकासनगर प्रशासन व ईडीएम की टीम ने तत्काल एक्शन लिया।
-
रेडिएशन से स्वास्थ्य को खतरा जताते हुए स्थानीय निवासियों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों ने टावर हटाने की मांग की थी।
📣 जिलाधिकारी का सख्त संदेश:
“हमारे जनपद में नियम विरुद्ध कार्यों का ‘विध्वंस’ ही है हश्र। जनभावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है। कोई भी निजी संस्था या ऑपरेटर नियमों को दरकिनार कर काम करेगा, तो सख्त कार्रवाई होगी।”
— सविन बंसल, जिलाधिकारी देहरादून
🚫 प्रशासन की कार्रवाई का आधार:
-
बिना नक्शा पास कराए, बिना पंजीकरण व स्वीकृति के टावर लगाना सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।
-
जन सुरक्षा, रेडिएशन खतरा और पर्यावरणीय प्रभाव के दृष्टिगत घनी बस्तियों में टावर की स्थापना पर सख्त प्रतिबंध है।
🛑 क्या कहती हैं गाइडलाइंस:
-
मोबाइल टावर की स्थापना से पूर्व नगर निगम/ग्राम पंचायत से स्वीकृति, स्थानीय नागरिकों की सहमति, और EMF टेस्टिंग रिपोर्ट आवश्यक है।
-
टावर की ऊंचाई, रेडिएशन स्तर और लोक स्वास्थ्य से जुड़ी शर्तों का अनुपालन अनिवार्य है।
📌 निष्कर्ष:
देहरादून जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनभावनाओं और स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब हर मोबाइल टावर की स्थापना पूरे नियामकीय ढांचे के तहत होगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सीलिंग की कार्रवाई तत्काल की जाएगी।