दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर साइबर फ्रॉड के मास्टरमाइंड की बड़ी गिरफ्तारी: 750 करोड़ के फर्जी लोन ऐप घोटाले का पर्दाफाश

चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक अग्रवाल चीनी नेटवर्क के संपर्क में, LOC पर दिल्ली एयरपोर्ट से दबोचा गया

नई दिल्ली,
देशभर में तेजी से बढ़ते फर्जी लोन ऐप्स साइबर फ्रॉड के मामलों के बीच दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर एक बड़ी सफलता मिली है। लोक आउट सर्कुलर (LOC) के तहत दिल्ली पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है और उसने अंतरराज्यीय संगठित साइबर ठग गिरोह का संचालन किया।

🔎 कैसे हुआ पर्दाफाश:

  • अभिषेक अग्रवाल ने 2019-20 में चीनी नागरिकों के साथ मिलकर भारत में साइबर फ्रॉड गिरोह की नींव रखी।

  • उसने खुद शंघाई और शेन्ज़ेन (चीन) की यात्रा की और वहां के नेटवर्क से संपर्क स्थापित किया।

  • Hector Lendkaro Pvt. Ltd. के नाम से दर्ज फर्म के जरिये 15+ फर्जी लोन ऐप्स (जैसे Inst Loan, Maxi Loan, KK Cash, RupeeGo आदि) को लॉन्च किया गया।

  • कम दस्तावेज़ों में तुरंत लोन देने का लालच देकर लोगों को ऐप डाउनलोड कराया जाता था, जिससे मोबाइल का एक्सेस ले लिया जाता था।

  • मोबाइल डेटा (गैलरी, कॉन्टैक्ट्स आदि) चोरी कर ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न कर करोड़ों की अवैध वसूली की जाती थी।

📊 धन का फर्जी लेन-देन और चीनी कनेक्शन:

  • अभियुक्त ने 13 कंपनियाँ अपने नाम और 28 कंपनियाँ अपनी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड कराईं। इनमें से कई कंपनियों में चीनी नागरिक सह-निर्देशक थे।

  • कंपनियों के बैंक खातों के माध्यम से लगभग ₹750 करोड़ से अधिक की संदिग्ध धनराशि का लेन-देन किया गया।

  • यह रकम भारतीय खातों से चीन स्थित खातों में ट्रांसफर की जाती थी।

🧾 बरामद सामग्री:

  • 1 मोबाइल फोन

  • 1 पासपोर्ट

  • थाईलैंड और भारतीय मुद्रा

  • डिजिटल कट, अंगूठियां, एप्पल वॉच, पावर बैंक

🛃 अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय जांच:

  • अभियुक्त के विरुद्ध देश के कई राज्यों में केस दर्ज हैं, साथ ही चीन, हांगकांग आदि देशों के नेटवर्क से उसका सीधा संपर्क रहा है।

  • पूर्व में गुड़गांव से गिरोह के एक अन्य सदस्य अंकुर ढींगरा को भी पकड़ा गया था।

  • औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में STF और साइबर टीम ने गिरोह के कॉल सेंटर पर रेड डालकर अहम सुराग इकट्ठा किए थे।

  • अब भारत सरकार और इंटरपोल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पत्राचार किया जा रहा है।


विशेष टिप्पणी:
यह मामला भारत में तेजी से फैलते डिजिटल लोन साइबर फ्रॉड की गंभीरता को दर्शाता है। आम जनता को सावधान रहने और अनजान ऐप्स या लोन प्रस्तावों से दूरी बनाने की आवश्यकता है। दिल्ली पुलिस और साइबर एजेंसियों की सक्रियता से गिरोह की जड़ें उजागर हो रही हैं।

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