देहरादून ,
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में किन्नरों द्वारा शादी, संतान जन्म, या घर निर्माण के मौके पर की जा रही जबरन वसूली पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब किन्नर समाज द्वारा ‘नेग’ के नाम पर मनमानी वसूली नहीं की जा सकेगी, और कुछ मामलों में पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
🔎 क्या है मामला?
शादी-ब्याह, बच्चे के जन्म, मकान निर्माण जैसे पारिवारिक आयोजनों के दौरान किन्नरों द्वारा अवैध वसूली, गाली-गलौज और दबाव की शिकायतें लंबे समय से प्रशासन को मिल रही थीं।
इन मामलों में पुलिस अकसर हाथ खड़े कर देती थी, लेकिन हालिया समय में कई सामाजिक संगठनों ने इस विषय को मुखरता से उठाया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
📜 प्रशासन का आदेश: SOP और सख्ती
नगर मजिस्ट्रेट देहरादून प्रत्यूष सिंह द्वारा जारी आदेश संख्या 124/रीडर/न.म. / अवैध वसूली/2025-26 दिनांक 3 मई 2025 में साफ निर्देश दिए गए हैं:
✅ अब से तय नियम:
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शादी या संतान जन्म पर ही दी जा सकेगी सीमित धनराशि – यानी सिर्फ प्रतीकात्मक नेग
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घर निर्माण या कन्या विवाह पर कोई राशि नहीं दी जाएगी
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किन्नरों द्वारा जबरन वसूली, बददुआ, गाली-गलौज या भय दिखाना अब दंडनीय अपराध माना जाएगा।
🧾 प्रशासन ने किन्हें भेजा आदेश?
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सभी पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO): सदर, डालनवाला, राजपुर, नेहरू कॉलोनी
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जिलाधिकारी देहरादून
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून
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संयुक्त नागरिक संगठन, जिन्होंने यह मुद्दा उठाया था
📌 प्रशासन की अपील
प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि:
“यदि किन्नर समुदाय तय सीमा से अधिक धनराशि की मांग करता है, गाली-गलौज करता है या धमकाता है, तो नागरिक तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।”
📣 समाज के लिए क्या मायने रखता है यह आदेश?
यह कदम नागरिकों को सामाजिक दबाव और मनमानी वसूली से राहत देगा। साथ ही किन्नर समुदाय को सामाजिक मर्यादा के भीतर रहने की दिशा में प्रोत्साहित करेगा।