देहरादून,
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के हृदयस्थल घंटाघर का अब कायाकल्प होने जा रहा है। शहर के विभिन्न प्रमुख स्थलों के सौंदर्यीकरण की कड़ी में घंटाघर को पारंपरिक व पौराणिक शैली में एक दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग स्वयं जिलाधिकारी द्वारा की जा रही है।
₹33.66 लाख की लागत से हो रहे इस सौंदर्यीकरण कार्य के तहत, घंटाघर को न केवल एक आकर्षक रूप दिया जा रहा है, बल्कि यातायात संचालन को भी अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने पर बल दिया गया है। यह चौक अब आधुनिक शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला जा रहा है, जिसमें राज्य की लोक संस्कृति और परंपरा की झलक भी प्रमुखता से देखने को मिलेगी।
डीएम का विजन
जिलाधिकारी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न चौक-चौराहों को उनकी पारंपरिक पहचान के साथ-साथ आधुनिक स्वरूप प्रदान करने की व्यापक योजना पर काम हो रहा है। इस पहल का उद्देश्य है कि यातायात के दबाव को कम किया जाए और साथ ही शहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को सहेजा जाए।
घंटाघर का बदलता चेहरा
यह स्थान जहां एक ओर देहरादून की पहचान है, वहीं यह सौंदर्यीकरण कार्य इसे पर्यटकों के लिए भी एक नया आकर्षण केंद्र बना देगा। इसके पुनरुद्धार से यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी और पर्यटक देहरादून की लोक परंपरा व स्थापत्य कला का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे।
घंटाघर का यह नया स्वरूप न केवल शहरवासियों के लिए गर्व का कारण बनेगा, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध होगा।