विद्यालय प्रबंधन रूपये पांच हजार से रूपये सात हजार जुर्माना वसूल रहा था
देहरादून ,
जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि सेलाकुई स्थित डीपीएसजी स्कूल द्वारा लेट फीस के नाम पर रूपये पचास प्रतिदिन एवं एक माह व्यतीत होने के उपरांत रूपये पांच हजार जुर्माना लगाने के साथ-साथ जिस तिथि को फीस का भुगतान किया गया है वहीं रूपये पचास प्रतिदिन के हिसाब से अतिरिक्त पेनल्टी लगाई जाती थी। उन्होंने कहा कि अब स्कूल लेट फीस, जुर्माना नहीं ले सकेगा। उन्होंने कहा कि उक्त लूट के खिलाफ मोर्चा ने मुख्यमंत्री दरबार, शासन-प्रशासन से इन पर नकेल कसने को बड़ा संघर्ष किया जिसके परिणाम स्वरूप मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून ने विद्यालय प्रबंधन को तलब कर संपूर्ण दस्तावेज खंगाले, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आई। अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों को खंगालने पर जानकारी हुई कि विद्यालय प्रबंधन रूपये पांच हजार से रूपये सात हजार जुर्माना वसूल रहा है। उन्होंने कहा कि आरटीई की मान्यता 2020 में समाप्त हो गई, जिसको 2022 में नवीनीकृत कराया। उन्होंने कहा कि जिससे बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा था, विद्यालय के पास सीबीएसई बोर्ड से संबद्धता प्राप्त करने हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्गत अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था, उन्होंने कहा कि टीजीटी तथा पीआरटी में कार्यरत अधिकांश अध्यापक टीईटी उत्तीर्ण नहीं थे। उन्होंने कहा कि उक्त मामलों में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन को आज से ही लेट फीस-जुर्माना बंद करने, अन्य मामलों में शीघ्र शासकीय औपचारिकताएं पूर्ण करने के कड़े निर्देश जारी किए तथा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा , शासन, केंद्रीय सीबीएसई शिक्षा बोर्ड से उक्त अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई हेतु पत्र प्रेषित किया गया। उन्होंने कहा कि यह मोर्चा की गरीब एवं मध्यम वर्गीय अभिभावकों के मामले में बहुत बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि मोर्चा अभिभावकों से अपील करता है कि प्राइवेट विद्यालयों द्वारा लूट के मामले में जागरूक हों। उन्होंने कहा कि मोर्चा किसी भी सूरत में शोषण लूट बर्दाश्त नहीं करेगा। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में महिपाल सिंह रावत, कुंवर सिंह चैहान, फतेह सिंह राणा, पंचिया सिंह चैहान, पूरन सिंह चैहान आदि मौजूद थे।