देहरादून ,
साफ करो साफ रखो, रिस्पना बिंदल साफ रखो। यह आवाज उन छात्र छात्राओ की थी जिन्होंने नाला पानी रोड स्थित पुल के नीचे रिस्पना की भयानक गंदगी में उतरकर अपने हाथों से 700 किलो कूड़ा करकट इकठ्ठा किया और स्थानीय निवासियो को जागरूक कर अपनी आवाज बुलंद की। इस अवसर पर दून के वरिष्ठ नागरिको ने भी अभियान मे भागीदारी करते हुए रिस्पना बिंदाल नदियो की गन्दगी के लिए स्मार्टसिटी लिमिटेड, नगर निगम, शासन-प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया। इस अवसर पर नेताओ की आंखों को आईना दिखाने वाले इस स्वच्छता अभियान में वेस्ट वारियर्स, इको ग्रुप, सिटिजन फॉर ग्रीन दून, संयुक्त नागरिक संगठन आदि सामाजिक संस्थाओं के पर्यावरण प्रेमियों सहित गुरु रामराय स्कूल नेहरू ग्राम तथा नैशविला रोड स्थित सेंट एग्नेस इंटर कालेज के छात्र-छात्राओं ने भारी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर जागरूक नागरिकों का कहना था कि रिस्पना को ऋषिपर्णा बनाने का ख्वाब दिखाने वाले नेताओं की उपेक्षा के कारण दोनों नदियों में लाखों टन कूड़ा करकट भर चुका है जिसकी सफाई मे कई साल लग जायेगे। उन्होंने कहा कि नदियां अब सदानीरा तो बनने से रही। उनका कहना था की शहर की कुछ सड़कों के किनारे पर चित्रकारी करवाकर पर्यटकों तथा निवेशको की वाहवाही तो लूटी जा सकती है पर इन नदियों की हजारों टन गंदगी राजधानी में नर्क का साक्षात आभास दिला रही है। उनका कहना है कि दोनों नदियों में पैदा मच्छर आदि निकटवर्ती बस्तियों के लाखो दूनवासियो को मलेरिया डेंगू जैसे रोगो से जूझने और दूनअस्पताल और कोरोनेशन में लाइन लगाने को बाध्य होने जा रहे है। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमियों ने अफसोस व्यक्त करते हुए इरादा व्यक्त किया कि वह दून की सामाजिक संस्थाओं शिक्षण संस्थानों के सहयोग से दोनों नदियों को स्वच्छ बनाने में यथा संभव प्रयास करते रहेंगे।
