कार्यदायी संस्था एनएच आईडीसीएल ने पैसा बचाने के लिए 40 जिंदगियों को खतरे में डाला
पूर्व मंत्री ने राष्ट्रपति से इस भू धंसाव की उच्च स्तरीय जांच किये जाने की मांग की
देहरादून ,
पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा है कि सिल्क्यारा टनल में 40 मजदूर जिंदगी और मौत की जंग लड रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से इस भू धंसाव की उच्च स्तरीय जांच किये जाने की मांग की है। यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के निर्देश पर एक प्रतिनिधि मंडल सिलक्यारा टनल हादसे की जायजा लेने के लिए उनकी अध्यक्षता में बनी कमेटी के द्वारा जायजा लिया गया था और वहां से लौटने के बाद उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए निर्माणाधीन टनल की कमियों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल हादसे में कंपनी की सबसे बड़ी लापरवाही है कंपनी की ओर से गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है, पर्याप्त उपकरण भी कंपनी के पास नहीं है। कार्यदायी संस्था एनएच आईडीसीएल द्वारा एक ब्लैक लिस्टेड कंपनी नव युवा से कार्य के लिए कोलोब्रेशन किया हुआ है जो पूरी तरह से गलत है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि टनल निर्माण से पूर्व सही ढंग से ज्यूलोजीकल टेस्ट सही नहीं किया गया है। राष्ट्रहित में इस टनल के निर्माण को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था एनएच आईडीसीएल ने पैसा बचाने के लिए 40 जिंदगियों को खतरे में डाल दिया है और केन्द्र एवं राज्य सरकार के अधिकारियो में कोई संवाद न होने से बचाव कार्यों में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि सिस्टम की लापरवाही के चलते 40 जाने खतरे में है और केंद्र व राज्य की एजेंसियों में तालमेल की कमी के चलते रेस्क्यू में विलंब हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्लान कंपनी के पास नहीं है और यह टनल पूरी तरह से सक्सेज नहीं है क्योंकि इसमें हयूम पाईप की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, यदि हयूम पाईप होते तो सभी मजदूर तत्काल बाहर आ जाते, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। इस अवसर पर वार्ता में मथुरा दत्त जोशी, शीशपाल सिंह बिष्ट, अमरजीत सिंह आदि शामिल रहे।