पौड़ी गढ़वाल ,
उत्तराखंड के श्रीनगर शहरवासियों का करीब नौ साल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। लंबे समय से बंद पड़ी सिटी बस सेवा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 30 सीटर बस ‘श्रीनगर दर्शन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महापौर आरती भंडारी की पहल पर शुरू हुई इस सेवा से शहर के लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सिटी बस सेवा के शुभारंभ के साथ मुख्यमंत्री ने श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र को करीब 9.35 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात भी दी। इस दौरान कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी उद्घाटन किया गया।
महापौर आरती भंडारी का पहला वादा पूरा
श्रीनगर में सिटी बस सेवा वर्ष 2017 तक संचालित होती थी, लेकिन इसके बाद यह बंद हो गई। तब से शहरवासी दोबारा बस सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। महापौर आरती भंडारी ने पदभार संभालने के बाद सिटी बस सेवा शुरू कराने का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया गया है।
महापौर की पहल पर जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया को प्रस्ताव भेजा गया। इसके बाद अनटाइड फंड से 22 लाख 48 हजार 514 रुपये की लागत से 30 सीटर बस उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री धामी ने बस को हरी झंडी दिखाने के साथ उसकी चाबी महापौर को सौंपी।
महापौर आरती भंडारी ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया का आभार जताया।
धारी देवी से कीर्तिनगर पुल तक चलेगी बस
‘श्रीनगर दर्शन’ बस धारी देवी से कलियासौड़ होते हुए कीर्तिनगर पुल तक संचालित होगी। शुरुआत में प्रतिदिन कम से कम पांच चक्कर लगाने की योजना है।
- सर्दियों में: सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक।
- गर्मियों में: सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक।
- प्रारंभिक संचालन: प्रतिदिन कम से कम पांच चक्कर।
यात्रियों की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर बस स्टॉप भी बनाए जाएंगे। इस सेवा से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आम नागरिकों को आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। शुभारंभ के दौरान नगर निगम के पार्षदों ने भी बस में सफर किया। महापौर ने भविष्य में एक और बस उपलब्ध कराने के प्रयास करने की बात कही।
श्रीनगर को 9.35 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात
सिटी बस सेवा के शुभारंभ के साथ मुख्यमंत्री ने नगर निगम क्षेत्र में लगभग 9.35 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण सुविधा, स्वर्गीय रणजीत सिंह भंडारी वाटिका, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पार्क, सड़क एवं नाली निर्माण, लक्ष्मीनारायण पार्क और अन्य पार्कों का सौंदर्यीकरण शामिल है।
इन योजनाओं से शहर की स्वच्छता व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ईवी चार्जिंग स्टेशन से पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा
श्रीनगर में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया। इससे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग की सुविधा मिलेगी और शहर में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिल सकेगा।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिली प्रोत्साहन राशि
कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। ‘सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 2 लाख 1 हजार 530 रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया।
इसके अलावा नगर निगम में स्वच्छता कार्यों में जुटी 51 पर्यावरण मित्र महिलाओं को हेल्थ एवं हाइजीन किट वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य महिला कर्मियों के स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने के साथ महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है।
बच्चों से मिले मुख्यमंत्री, विद्यार्थियों को किया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों से भी संवाद किया। जूनियर दिल्ली स्कूल की प्रधानाचार्य बबिता गुसाईं के साथ आए 10 विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को डीक्राफ्ट भेंट किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत कर उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सतपाल महाराज, भरत चौधरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, महापौर आरती भंडारी, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, नगर निगम के पार्षद और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
शहर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार?
करीब नौ साल बाद सिटी बस सेवा की वापसी श्रीनगर के शहरी परिवहन के लिए महत्वपूर्ण कदम है। बस सेवा, ईवी चार्जिंग स्टेशन और लगभग 9.35 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं से शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि ‘श्रीनगर दर्शन’ बस सेवा कितनी नियमित और प्रभावी रहती है तथा घोषित विकास योजनाएं कितनी तेजी से धरातल पर उतरती हैं।
