अक्टूबर में बेमौसम बर्फबारी से फूलों की रंगीन छटा हुई प्रभावित, पिछले साल के मुकाबले पर्यटकों की संख्या दोगुने से भी अधिक
चमोली ,
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी नेशनल पार्क 31 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद हो गया। अब पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। घाटी अगले वर्ष 1 जून 2027 को दोबारा पर्यटकों के लिए खोली जाएगी। बंद होने के बाद केवल वन विभाग के कर्मचारी गश्त और संरक्षण कार्यों के लिए घाटी में जाएंगे।
87.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली फूलों की घाटी समुद्र तल से करीब 12,995 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां प्रतिवर्ष 1 जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति दी जाती है।
बेमौसम बर्फबारी से प्रभावित हुई फूलों की रंगीन छटा
इस वर्ष अक्टूबर में हुई बेमौसम बर्फबारी के कारण पूरी घाटी बर्फ की सफेद चादर से ढक गई। इससे फूलों की रंग-बिरंगी छटा प्रभावित हुई और पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य का पूरा आनंद नहीं मिल सका। वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल के अनुसार, बर्फबारी के बाद घाटी में प्रतिदिन औसतन 8 से 10 पर्यटक ही पहुंच रहे थे।
पिछले साल से दोगुने से अधिक पहुंचे पर्यटक
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद इस वर्ष फूलों की घाटी पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वन क्षेत्राधिकारी आशीष जिरवान के अनुसार, 1 जून से 31 अक्टूबर तक कुल 35,261 पर्यटकों ने घाटी का भ्रमण किया। इससे वन विभाग को 67 लाख 7 हजार 500 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
वहीं, वर्ष 2025 में कुल 15,934 पर्यटक यहां पहुंचे थे, जिनसे करीब 33 लाख रुपये का राजस्व मिला था। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पर्यटकों की संख्या और राजस्व दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
जुलाई-अगस्त में खिलते हैं 600 से अधिक प्रजातियों के फूल
फूलों की घाटी का सबसे खूबसूरत नजारा जुलाई और अगस्त के महीनों में देखने को मिलता है। इस दौरान घाटी में 600 से अधिक प्रजातियों के फूल खिलते हैं। इनमें दुर्लभ ब्रह्मकमल सहित कई आकर्षक हिमालयी पुष्प शामिल हैं।
अब शीतकाल के दौरान घाटी बर्फ से ढकी रहेगी और वन विभाग की टीमें इसके संरक्षण एवं निगरानी का कार्य करेंगी। पर्यटकों को अब अगले वर्ष 1 जून 2027 को घाटी के दोबारा खुलने का इंतजार रहेगा।
