राष्ट्रीय एकता दिवस पर ‘Fight Against Drugs’ थीम के तहत निकाली जा रही राष्ट्रीय रैली, 31 अक्टूबर को एकता नगर में आयोजित परेड में लेगा हिस्सा
देहरादून ,
नशा-मुक्त समाज के निर्माण और युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तराखंड पुलिस का 12 सदस्यीय मोटरसाइकिल दल गुजरात के लिए रवाना हो गया। राष्ट्रीय एकता दिवस-2026 के अवसर पर ‘Fight Against Drugs’ थीम पर आयोजित राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में उत्तराखंड पुलिस का दल प्रतिभाग करेगा। इस राष्ट्रीय अभियान की नोडल एजेंसी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) है।
इस अवसर पर देहरादून पुलिस लाइन में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत ‘मेरी शुरुआत खुद से’ थीम पर विशाल जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन ने उपस्थित जनसमूह को नशा न करने और समाज को नशा-मुक्त बनाने की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने हरी झंडी दिखाकर मोटरसाइकिल दल को गुजरात के लिए रवाना किया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह मोटरसाइकिल यात्रा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का प्रतीक होने के साथ ही देशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम है। दल के सदस्यों को यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और उत्तराखंड पुलिस की गरिमा के अनुरूप आचरण करने के निर्देश दिए गए।
21 अक्टूबर को दिल्ली से रवाना होंगे उत्तरी जोन के दल
उत्तराखंड पुलिस का मोटरसाइकिल दल देहरादून से हरिद्वार होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगा। यहां 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से उत्तरी जोन के दलों को संयुक्त रूप से रवाना किया जाएगा। विभिन्न राज्यों से होते हुए यह दल 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह एवं परेड में शामिल होगा।
रैली के दौरान उत्तराखंड पुलिस के जवान विभिन्न पड़ावों पर स्थानीय नागरिकों, छात्र-छात्राओं और युवाओं से संवाद करेंगे। इसके माध्यम से लोगों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशा-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
1,000 लोगों ने ली नशा-मुक्ति की शपथ
पुलिस लाइन में आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के लगभग 300 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, राजकीय विभागों के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों सहित करीब 1,000 लोगों ने प्रतिभाग किया। सभी ने नशे से दूर रहने और समाज को नशा-मुक्त बनाने में योगदान देने की शपथ ली।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित गोष्ठी में विशेषज्ञों ने नशे के मानसिक और शारीरिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। डॉ. शिल्पी अरोड़ा ने नशे से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों के साथ संवाद और प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम स्थल पर बनाया गया ‘नशा मुक्त उत्तराखण्ड–मेरी शुरुआत खुद से’ सेल्फी पॉइंट युवाओं और विद्यार्थियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक विम्मी सचदेवा, पुलिस महानिरीक्षक कृष्ण कुमार वी.के., पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार मीणा, पुलिस उपमहानिरीक्षक धीरेन्द्र गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण सहित विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
