पुलों का नियमित निरीक्षण और निर्माणाधीन सड़कों की जनपदवार समीक्षा के निर्देश
देहरादून ,
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके पुलों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। साथ ही लंबित और निर्माणाधीन सड़कों की जनपदवार समीक्षा करते हुए कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। यह निर्देश लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित लोनिवि सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
मंत्री ने अधिकारियों को सड़क एवं पुल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, डामरीकरण, सड़क की मोटाई, लैब टेस्ट और थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में खराब गुणवत्ता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं जिम्मेदार व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाए।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने वैकल्पिक मार्गों पर पर्याप्त साइन बोर्ड और रोड साइनेज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां सड़क पर डायवर्जन हो रहा है, वहां स्पष्ट रूप से बोर्ड लगाए जाएं और रोड साइनेज को वाहन चालकों की दृष्टि के अनुरूप उचित ऊंचाई पर लगाया जाए, ताकि यातायात में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आपदा से क्षतिग्रस्त 2360 मार्गों में से 2329 यातायात के लिए खुले
बैठक के बाद लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में आपदा के कारण कुल 2360 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें से 2329 मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 199 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनके समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
गड्ढा पैच वर्क ऐप की 1327 शिकायतों का समाधान
मंत्री ने बताया कि गड्ढा पैच वर्क ऐप के माध्यम से प्राप्त कुल 1953 शिकायतों में से 1327 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। शेष 626 शिकायतें अन्य विभागों से संबंधित होने के कारण उन्हें संबंधित विभागों को हस्तांतरित कर दिया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में 34 निष्प्रयोजित पुलों में से 21 पुलों को पुनः उपयोग में लाया जा रहा है। वहीं आपदा से क्षतिग्रस्त मार्गों को खोलने और उन्हें पूर्व स्थिति में लाने के लिए करीब 461.87 करोड़ रुपये की धनराशि की आवश्यकता है।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे, प्रमुख अभियंता राजेश चंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता रंजीत रावत, मुकेश परमार सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।