ईएसआई अस्पताल के लिए हरिद्वार में 15 एकड़ भूमि, सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ाने को भी मंजूरी
देहरादून ,
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, न्याय, ऊर्जा, कारागार और औद्योगिक नियमन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न के मासिक स्टाइपेंड को 17 हजार रुपये से बढ़ाकर न्यूनतम 25 हजार रुपये करने, पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति देने के लिए 243 पदों को मंजूरी देने तथा हरिद्वार में ईएसआई अस्पताल के निर्माण के लिए 15 एकड़ भूमि आवंटित करने सहित कई अहम फैसले लिए।
मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड 17 से बढ़कर 25 हजार
कैबिनेट ने प्रदेश के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। वर्तमान में इंटर्न को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर न्यूनतम 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने के लिए चिकित्सा मानव संसाधन को प्रोत्साहित करना जरूरी है। प्रदेश में श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा में पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।
पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए 243 पद मंजूर
खेल नीति-2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने के लिए विभिन्न विभागों में कुल 243 पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। इनमें खेल विभाग, युवा कल्याण, गृह, परिवहन, शिक्षा और वन विभाग के पद शामिल हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में अपर सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद सृजित करने को भी मंजूरी मिली है। इसके लिए सहायक अध्यापक व्यायाम के लेवल-7 के 1898 सृजित पदों में से 33 पद समर्पित कर उनके स्थान पर लेवल-6 के 33 पद सृजित किए जाएंगे। इनका उपयोग अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सेवायोजन देने के लिए किया जाएगा।
सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ाने का रास्ता साफ
सुप्रीम कोर्ट, नैनीताल हाईकोर्ट और प्रदेश के अधीनस्थ न्यायालयों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं के लिए शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय समीक्षा समिति के निर्णय के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। इससे सरकारी मुकदमों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं की फीस में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है।
विधिक माप विज्ञान में लाइसेंसिंग प्रक्रिया होगी आसान
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ट्रस्ट बेस्ड रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत विधिक माप विज्ञान व्यवस्था में बदलाव को भी मंजूरी दी गई। केंद्र सरकार के Deregulation Phase-11 सुधार कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली, 2012 में संशोधन किया जाएगा।
कैबिनेट ने उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य वजन एवं माप से संबंधित लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाना और कारोबारियों के लिए नियामकीय अनुपालन को आसान करना है।
हरिद्वार में ईएसआई अस्पताल के लिए 15 एकड़ भूमि
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के अस्पताल के निर्माण के लिए हरिद्वार के समीप चिन्हित 15 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया। इससे हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में ईएसआई से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।
मसूरी रोपवे परियोजना के लिए भूमि प्रबंधन का फैसला
देहरादून के पुरूकुल गांव से मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना के अपर टर्मिनल प्वाइंट और पार्किंग निर्माण से संबंधित भूमि प्रबंधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
मसूरी की गढ़वाल सभा को पूर्व में लीज पर दी गई भूमि के बराबर 972 वर्ग मीटर भूमि मसूरी में गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) की पार्किंग के लिए क्रय की गई भूमि में से लीज पर देने की अनुमति दी गई है।
कारागार विभाग में अपर महानिरीक्षक का नया पद
कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग के सुधारात्मक विंग को मजबूत करने के लिए अपर महानिरीक्षक कारागार का एक नवसृजित पद संवर्गीय ढांचे में शामिल करने को मंजूरी दी गई। इसके लिए उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग समूह ‘क’ एवं ‘ख’ सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को कैबिनेट की सहमति मिली है।
ऊर्जा आयोग की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। आयोग के वर्ष 2024-25 के वार्षिक लेखा विवरण को विधानसभा के पटल पर रखने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन मिला है।
दोनों प्रस्ताव विद्युत अधिनियम, 2003 की संबंधित धाराओं के प्रावधानों के अनुपालन में लाए गए हैं।