पोस्टर प्रतियोगिता में गुंजन, शिक्षा और जेरूशा ने हासिल किया प्रथम स्थान
देहरादून ,
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की ओर से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, देहरादून के सहयोग से तंबाकू जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के एसबीएएस ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में ‘Tobacco Free Youth – Leader for Tomorrow’ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने आकर्षक एवं रचनात्मक पोस्टरों के माध्यम से तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों और तंबाकू मुक्त समाज का संदेश दिया। प्रतियोगिता में गुंजन मेहंदीरेत्ता (बीएससी आईटी), शिक्षा (बीटेक प्रथम सेमेस्टर) और जेरूशा प्रधान (बीसीए प्रथम सेमेस्टर) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों तथा स्वस्थ एवं तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा रहे। जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम में क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. अनुराधा प्रधान, अर्चना उनियाल, रेखा उनियाल एवं अनुराग मौजूद रहे।
डॉ. मनोज शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाना स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने युवाओं से स्वयं तंबाकू से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. अनुराधा प्रधान ने विद्यार्थियों को तंबाकू से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं, नशे की लत, इसके दुष्परिणामों और बचाव के उपायों की जानकारी दी। इसके बाद आयोजित संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने तंबाकू सेवन एवं नशे की लत से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से एंटी-टोबैको प्रतिज्ञा ली। विद्यार्थियों ने तंबाकू से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम ने युवाओं में तंबाकू के स्वास्थ्य एवं सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें ‘तंबाकू मुक्त भविष्य के नेतृत्वकर्ता’ के रूप में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।