देहरादून ,
पटेलनगर फायरिंग कांड के 36 घंटे के भीतर प्रेमनगर क्षेत्र में भी सड़क पर विवाद के दौरान पिस्टल लहराने का मामला सामने आया है। नेक्स्ट हॉस्टल के पास सड़क पर खड़ी फॉर्च्यूनर कार हटाने को लेकर बस चालक और फॉर्च्यूनर चालक के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इस दौरान बस चालक ने डंडे से हमला किया, जबकि फॉर्च्यूनर चालक और उसके साथी ने पिस्टल निकालकर धमकाया।
मामले की सूचना मिलते ही प्रेमनगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। फुटेज में सड़क पर बस और फॉर्च्यूनर के पास दो लोगों के बीच झगड़ा दिखाई दिया। इनमें एक के हाथ में डंडा और दूसरे के हाथ में पिस्टल नजर आई।
कार हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर स्थानीय लोगों ने एक आरोपी की पहचान झाझरा निवासी गौरव के रूप में की। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की। गौरव ने बताया कि वह एक निजी शिक्षण संस्थान की बस चलाता है और रात में मांडूवाला स्थित अपने घर लौट रहा था।
नेक्स्ट हॉस्टल के पास फॉर्च्यूनर कार सड़क पर हाई बीम लाइट के साथ खड़ी थी। हॉर्न देने के बावजूद कार नहीं हटाने पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान गौरव ने डंडा निकालकर फॉर्च्यूनर चालक पर वार कर दिया।
इसी दौरान फॉर्च्यूनर चालक का एक साथी भी मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि दोनों ने पिस्टल दिखाकर बस चालक को धमकाया और उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट की।
ग्राफिक एरा अस्पताल से दो आरोपी गिरफ्तार
बस चालक से पूछताछ के बाद पुलिस को फॉर्च्यूनर चालक और उसके साथी की पहचान नीरज राजपूत और मनीष नेगी के रूप में हुई। पुलिस को दोनों के उपचार के लिए ग्राफिक एरा अस्पताल जाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल परिसर से दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उनके कब्जे से घटना के दौरान बस चालक को दिखाई गई 32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल और कारतूस बरामद किए। पुलिस के मुताबिक पिस्टल नीरज राजपूत के नाम पर है। फॉर्च्यूनर वाहन को भी कब्जे में लिया गया है।
तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने गौरव (30), मनीष नेगी (31) और नीरज राजपूत (40) के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर मारपीट एवं हुड़दंग कर शांति व्यवस्था भंग करने, घातक हथियार का प्रदर्शन कर दूसरों के जीवन को खतरे में डालने और लाइसेंसी पिस्टल के दुरुपयोग सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, बरामद लाइसेंसी पिस्टल का दुरुपयोग किए जाने के मामले में उसका लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
प्रेमनगर में सामने आई इस घटना ने राजधानी में सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते विवाद और हथियारों के खुले प्रदर्शन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।