देहरादून ,
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा से संबंधित अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, ब्लैक स्पॉट, सड़क सुरक्षा उपायों और जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों के कामकाज की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण करने तथा सड़क डिजाइन, रोड ज्योमेट्री और तकनीकी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों का रोड सेफ्टी एवं थर्ड पार्टी ऑडिट कराकर सुझावों के आधार पर समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने रोड सेफ्टी ऑडिट को प्राथमिकता देने के साथ बस अड्डों का नियमित ऑडिट कराने के निर्देश दिए। दोपहिया वाहन चालकों और सवारियों के लिए हेलमेट के अनिवार्य उपयोग तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा।
मुख्य सचिव ने जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने और कार्यवृत्त संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग की संयुक्त कार्यशालाओं के माध्यम से दुर्घटना के बाद रेस्क्यू और त्वरित उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को प्रत्येक दो-तीन माह में व्यापक स्तर पर चलाने और इसके लिए वार्षिक प्रचार-प्रसार कैलेंडर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही राहवीर योजना के प्रचार-प्रसार, लंबित हिट एंड रन मामलों की समीक्षा तथा शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने विद्यालयों में सड़क सुरक्षा क्लब स्थापित कर उन्हें सक्रिय बनाने तथा अन्य राज्यों की बेहतर सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उत्तराखंड में लागू करने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, वाहन एवं चालक व्यवहार, जन-जागरूकता और त्वरित उपचार—सभी पहलुओं पर एक साथ काम करना जरूरी है।