यूपीसीएल–पिटकुल समन्वय को मिली नई दिशा, एमडी पी.सी. ध्यानी की पहल से संयुक्त बैठक में लंबित मामलों के समाधान पर जोर

देहरादून ,

उत्तराखण्ड के ऊर्जा क्षेत्र में बेहतर समन्वय और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (पिटकुल) पहली बार एक साझा मंच पर आए। दोनों निगमों के बीच तकनीकी एवं प्रशासनिक विषयों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित संयुक्त समन्वय बैठक की अध्यक्षता दोनों निगमों के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने की।

मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दोनों निगमों के बीच बेहतर संवाद और समन्वय से विद्युत परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी और उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी की पहल पर आयोजित इस बैठक में पहली बार दोनों निगमों के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने एक साथ बैठकर वर्षों से लंबित तकनीकी और प्रशासनिक मामलों पर विस्तृत चर्चा की। कई मामलों का समाधान बैठक के दौरान ही किया गया, जबकि शेष मामलों के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक में भूमि एवं परिसंपत्तियों के हस्तांतरण और सीमांकन, ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क के बेहतर समन्वय, 220 केवी एवं 132 केवी उपकेंद्रों के सुदृढ़ीकरण, नई ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता विकसित करने, विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने, बढ़ते विद्युत भार के अनुरूप नेटवर्क विस्तार, ऊर्जा लेखांकन, स्मार्ट मीटरिंग, मीटर डेटा साझाकरण, रिले समन्वय, नए बे (Bay) निर्माण, कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन के लिए भूमि उपलब्धता तथा आगामी परियोजनाओं के क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने कहा कि यूपीसीएल और पिटकुल राज्य की विद्युत व्यवस्था के दो मजबूत स्तंभ हैं। दोनों निगमों के बीच प्रभावी समन्वय से न केवल परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय स्तर पर किसी भी विषय को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा संवाद और समन्वय के माध्यम से त्वरित निर्णय सुनिश्चित किए जाएं।

उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार की संयुक्त समन्वय बैठकों का नियमित आयोजन करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे विभिन्न स्तरों पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव होगा और दोनों निगमों के बीच कार्य संस्कृति और अधिक मजबूत होगी।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने इस पहल को ऐतिहासिक और परिणामोन्मुख बताते हुए कहा कि पहली बार सभी संबंधित अधिकारी एक मंच पर बैठकर विषयवार चर्चा कर रहे हैं, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनी है।

बैठक के अंत में दोनों निगमों ने भूमि संबंधी मामलों, विद्युत अवसंरचना विकास, ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क के समन्वय, भविष्य की विद्युत मांग, ऊर्जा प्रबंधन तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए निरंतर आपसी समन्वय बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।

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