देहरादून ,
सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर और प्रभावी ट्रॉमा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठक की। बैठक में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप राज्य में समन्वित, प्रभावी और समयबद्ध आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने सभी आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं को तकनीकी और परिचालन स्तर पर एकीकृत आपातकालीन हेल्पलाइन 112 से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करते हुए इस प्रणाली का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, ताकि आमजन इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि सभी हेल्पलाइन के एकीकरण के बाद 112 पर कॉल करने वाले व्यक्ति को पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म से तत्काल उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके लिए बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के ऑटोमैटिक मैकेनिज्म विकसित करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे जरूरत के अनुसार संबंधित सेवा तुरंत सक्रिय हो सके।
मुख्य सचिव ने गुड सेमेरिटन शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत बनाने के लिए राज्य स्तर पर डीजी हेल्थ को नोडल अधिकारी तथा जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित कर उसका कार्यवृत्त पोर्टल पर अपलोड करने को कहा।
उन्होंने सभी सार्वजनिक एवं निजी एम्बुलेंसों में एआईएस-125 मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा जीपीएस/वीएलटीडी उपकरण अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए। इन एम्बुलेंसों को हेल्पलाइन 112 से रियल-टाइम इंटीग्रेट करने पर भी जोर दिया गया, ताकि उनकी प्रभावी निगरानी और त्वरित संचालन सुनिश्चित हो सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तरीय ट्रॉमा रजिस्ट्री के लिए परिवहन विभाग को नोडल विभाग बनाया जाएगा। परिवहन विभाग को सभी सरकारी और निजी चिकित्सा संस्थानों को ट्रॉमा रजिस्ट्री से जोड़ने तथा इसे राष्ट्रीय ट्रॉमा रजिस्ट्री से भी एकीकृत करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पीएम-राहत (PM-RAHAT) योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव विनीत कुमार, रोहित मीणा, तृप्ति भट्ट, संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।