उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: 19 से 22 जुलाई तक कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो चेतावनी जारी

देहरादून ,
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा उत्तराखंड में आगामी दिनों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रदेशवासियों, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।

एसईओसी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 18 से 22 जुलाई तक सभी जिलों में सतर्कता बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखने, जिला आपदा परिचालन केंद्रों को 24×7 सक्रिय रखने तथा राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। भूस्खलन संभावित मार्गों पर मशीनरी और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

19 जुलाई का अलर्ट

19 जुलाई को नैनीताल, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर में अत्यंत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी वर्षा एवं आकाशीय बिजली की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।

20 जुलाई का अलर्ट

20 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार और टिहरी के कुछ क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, उत्तरकाशी और पौड़ी में ऑरेंज अलर्ट रहेगा।

21 और 22 जुलाई की स्थिति

21 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट रहेगा।

22 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी वर्षा की आशंका के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने तथा आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने प्रदेशवासियों, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से अपील की कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और अनावश्यक यात्रा से बचें। यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, गदेरों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा भूस्खलन संभावित स्थानों पर विशेष सावधानी बरतें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। सहायता के लिए 112, 1070 और 1077 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।

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