उत्तराखंड के 9.80 लाख लाभार्थियों को ₹145.42 करोड़ पेंशन जारी, मुख्यमंत्री ने दिए समाज कल्याण योजनाओं को भविष्य के अनुरूप बनाने के निर्देश

देहरादून ,

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं आगामी 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं में बेहतर समन्वय, वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित किया जाए, ताकि उत्तराखंड का मॉडल देश के लिए ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ बन सके।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग की जून 2026 की पेंशन राशि डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से जारी की। इस अवसर पर 9,80,950 लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹145.42 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई। इसमें ₹7.02 करोड़ केंद्र सरकार तथा ₹138.40 करोड़ राज्य सरकार की हिस्सेदारी रही।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डोईवाला (देहरादून), पाइनस (नैनीताल) और सोमेश्वर (अल्मोड़ा) में निर्माणाधीन बाबू जगजीवन राम छात्रावासों का निर्माण कार्य हर हाल में अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो जाना चाहिए, जिससे उन्हें अनावश्यक औपचारिकताओं से गुजरना न पड़े।

जून 2026 की पेंशन राशि के अंतर्गत वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण, तीलू रौतेली और बौना पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी, पारदर्शी और प्रभावी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना है, जो आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को भी पूरा कर सके। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है तथा उत्तराखंड में ऐसा सुशासन मॉडल विकसित किया जाएगा, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने के लिए प्रेरित हों।

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