रुद्रपुर ,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण में विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूर्व छात्रों से अपने ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता को राज्य के विकास से जोड़ते हुए कृषि, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और युवाओं के मार्गदर्शन में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन एवं कार्यशाला “ब्रेन 3.0 (Boosting Research, Academic, Innovation and Networking)” को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पूर्व डीन डॉ. ए.के. मुखोपाध्याय को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि देश की हरित क्रांति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां से निकले वैज्ञानिकों, प्रशासकों, कृषि विशेषज्ञों और उद्यमियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक पहचान उसकी इमारतों से नहीं, बल्कि वहां से निकले विद्यार्थियों की उपलब्धियों से होती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल कृषि का है। ऐसे में विश्वविद्यालयों और पूर्व छात्रों को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पर्वतीय कृषि छोटे और बिखरे खेतों, जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान, पलायन, सीमित बाजार और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि अनुसंधान, तकनीक और सामूहिक प्रयासों से संभव है।
उन्होंने पूर्व छात्रों से किसानों और युवाओं को आधुनिक खेती, जैविक कृषि, कृषि प्रसंस्करण, डिजिटल मार्केटिंग और कृषि आधारित स्टार्टअप से जोड़ने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नई स्टार्टअप नीति, कौशल विकास कार्यक्रमों और नवाचार आधारित योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही है। कृषि, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, ड्रोन तकनीक और जैविक खेती के क्षेत्र में उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय भारतीय कृषि की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश आज खाद्यान्न उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और इसमें पंतनगर विश्वविद्यालय का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से जलवायु परिवर्तन और बदलती कृषि चुनौतियों के अनुरूप अनुसंधान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया, पंतनगर संग्रहालय एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों के साथ धान की रोपाई कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, कुलपति डॉ. एस.के. कश्यप, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।