देहरादून ,
संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर 1 करोड़ 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में देहरादून पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले से बेची जा चुकी संपत्ति के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसे दोबारा बेच दिया था।
पुलिस के अनुसार बलवीर रोड निवासी विनोद प्रकाश अग्रवाल ने कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि संजय जैन और उसके सहयोगियों ने हरिद्वार रोड स्थित अरिहंत टावर की पांचवीं मंजिल पर स्थित संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें बेच दिया और उनसे 1.65 करोड़ रुपये ले लिए। बाद में जांच के दौरान उन्हें पता चला कि उक्त संपत्ति पहले ही निशांत गर्ग के नाम बेची जा चुकी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्य जुटाते हुए जांच शुरू की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर 29 मई 2026 को नामजद आरोपी संजय जैन को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान मामले में शामिल अन्य सहयोगियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है।
कर्ज चुकाने के लिए रची साजिश
पुलिस पूछताछ में आरोपी संजय जैन ने बताया कि उसकी हरिद्वार में लगेज बैग बनाने की फैक्ट्री थी, जिसे लगातार नुकसान होने के कारण उस पर भारी कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसकी पत्नी रितु जैन ने वर्ष 2024 में हरिद्वार रोड स्थित अरिहंत टावर की पांचवीं मंजिल पर मौजूद संपत्ति को तीन अलग-अलग हिस्सों में विभाजित कर निशांत गर्ग को बेच दिया था।
आरोपी ने स्वीकार किया कि संपत्ति बेचने के बावजूद वे अपना पूरा कर्ज नहीं चुका सके। इसके बाद उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उसी संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और वर्ष 2025 में उसे दोबारा विनोद प्रकाश अग्रवाल को 1 करोड़ 65 लाख रुपये में बेच दिया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। जांच में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की संभावना है। पुलिस पूरे प्रकरण में आर्थिक लेन-देन और दस्तावेजों की वैधता की भी गहन जांच कर रही है।
nvtjktksjtfrmqfgoilxhhzjdfuyuh