लोक सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए मिला देश का प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान
देहरादून ,
द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के क्षेत्र में पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया।
समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुल 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें 2 पद्म विभूषण, 6 पद्म भूषण और 58 पद्म श्री सम्मान शामिल हैं। पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं और कला, समाज सेवा, सार्वजनिक जीवन, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य, खेल तथा अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं।
भगत सिंह कोश्यारी, जिन्हें उत्तराखंड में ‘भगत दा’ के नाम से जाना जाता है, एक वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और राष्ट्रवादी नेता के रूप में पहचान रखते हैं। उन्होंने अपना जीवन समाज सेवा और गरीब तथा पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया।
17 जून 1942 को बागेश्वर जिले के पलानधुरा गांव में जन्मे भगत सिंह कोश्यारी ने सीमित संसाधनों के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की और बाद में अध्यापन कार्य से अपने करियर की शुरुआत की।
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वह राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने राज्यसभा सांसद, लोकसभा सांसद तथा बाद में महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी सेवाएं दीं। अगस्त 2020 में उन्हें गोवा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था।
राजनीति और समाज सेवा के साथ-साथ वह एक लेखक भी हैं। उनकी पुस्तकें “उत्तरांचल प्रदेश क्यों” और “उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान” उत्तराखंड राज्य के विकास और उसकी अवधारणा को दर्शाती हैं।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह सम्मान समारोह उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान का महत्वपूर्ण सम्मान माना जा रहा है।