पौड़ी ,
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अपने दो दिवसीय लैंसडाउन प्रवास के दूसरे दिन सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अधिकारियों के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने सैनिक सम्मेलन में शामिल होकर जवानों का उत्साहवर्धन किया तथा जनपद में संचालित विकास योजनाओं और कार्यों की समीक्षा भी की।
राज्यपाल ने कार्यक्रम की शुरुआत वॉर मेमोरियल पहुंचकर की, जहां उन्होंने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के साथ आयोजित सैनिक सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन में वीर माताओं, वीर नारियों और सैन्य परिवारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भावुक और गौरवपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर Garhwal Rifles को उसके उत्कृष्ट योगदान और गौरवशाली सैन्य परंपराओं के सम्मान स्वरूप विशेष ट्रॉफी प्रदान की गई। राज्यपाल ने गढ़वाल राइफल्स की वीरता, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना की सराहना करते हुए कहा कि यह रेजिमेंट देश की सुरक्षा और बलिदान की अमिट पहचान रही है।
कार्यक्रम के दौरान गढ़वाल राइफल्स की ओर से राष्ट्र रक्षा में सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों की वीर नारियों को सम्मानित किया गया। जैसे ही वीर नारियां मंच पर पहुंचीं, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित सैनिकों, पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने खड़े होकर उनका सम्मान किया।
राज्यपाल ने कहा कि सैनिकों के त्याग और बलिदान के पीछे उनके परिवारों, विशेषकर वीर नारियों का साहस और धैर्य छिपा होता है। उन्होंने कहा कि देश सदैव शहीदों और उनके परिवारों के योगदान का ऋणी रहेगा।
सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सेना में बिताए उनके 40 वर्षों का अनुभव भगवान बद्री विशाल की कृपा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सैनिक जीवन अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है तथा भारतीय सेना सदैव देश की सुरक्षा और गौरव की प्रतीक रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है, जहां लगभग हर परिवार का सेना से जुड़ाव रहा है। यहां के युवाओं में राष्ट्र सेवा की भावना जन्मजात होती है। राज्यपाल ने कहा कि 139 वर्ष पूरे कर चुकी गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट देश के लिए गौरव का विषय है।
सम्मेलन के दौरान सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका सैनिकों एवं सैन्य परिवारों के प्रति आत्मीय जुड़ाव जवानों के मनोबल को और मजबूत करता है।
इससे पूर्व राज्यपाल ने जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक भी की। बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने पालकोट एडवेंचर पार्क, लैंसडाउन पेयजल योजना, गुमखाल-सतपुली सड़क मार्ग, विज्ञान संग्रहालय, नयार वैली फेस्टिवल, गंगा संस्कृति केंद्र, धारी देवी मंदिर प्रकाशीकरण और आयुर्वेदिक विलेज सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए संचालित योजनाओं जैसे गोट वैली, दुग्ध फार्मिंग, चिकन लेयर फार्मिंग, हर्बल चाय यूनिट, मसाला यूनिट, होमस्टे और पीरूल यूनिट की जानकारी साझा की।
राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लैंसडाउन में आधुनिक पुस्तकालय विकसित किया जाए, ताकि युवाओं और विद्यार्थियों को अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता मिल सके। उन्होंने कैंट क्षेत्र की झीलों में ट्राउट मछली संवर्धन की संभावनाओं पर भी कार्य करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने जिला प्रशासन और सैन्य प्रशासन के बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि संयुक्त प्रयासों से क्षेत्रीय विकास, पर्यटन संवर्धन और जनकल्याण के कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने सैनिकों और युवाओं को साइबर क्राइम तथा आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूक किए जाने पर भी बल दिया और कहा कि बदलते समय में तकनीकी जागरूकता और साइबर सुरक्षा अत्यंत आवश्यक हो गई है।