देहरादून, 25 जुलाई 2025।
उत्तराखंड सरकार सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, सशक्त और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शुक्रवार को अपने शासकीय आवास पर सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में व्यावसायिक नवाचारों को प्रोत्साहित करने, 10 लाख नए बैंक खाते खोलने और माइक्रो एटीएम वितरण में तेजी लाने जैसे अहम निर्णय लिए।
मुख्य निर्णय और निर्देश:
✅ सहकारी संस्थाओं में व्यावसायिक नवाचारों को बढ़ावा
डॉ. रावत ने कहा कि सहकारी संस्थाएं पारंपरिक ढांचे से बाहर निकलकर अब नई सोच और आधुनिक तकनीकों को अपनाएं। इसके लिए नए बिजनेस प्लान तैयार किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके।
✅ सहकारी बैंकों में 10 लाख नए खाते खोलने का लक्ष्य
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले चरण में 10 लाख नए खातों का लक्ष्य हासिल किया जाए, ताकि गांव-गांव तक वित्तीय समावेशन सुनिश्चित हो सके।
✅ माइक्रो एटीएम का वितरण तेज हो
मंत्री ने कहा कि वित्तीय सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच के लिए माइक्रो एटीएम का वितरण शीघ्र हो। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बैंकिंग सेवाएं सहजता से मिलेंगी।
✅ अगस्त से होगी शीर्ष सहकारी संस्थाओं की समीक्षा
डॉ. रावत ने कहा कि अगस्त से वे स्वयं उत्तराखंड की शीर्ष सहकारी संस्थाओं की नियमित समीक्षा करेंगे। इसमें शामिल होंगी:
-
उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ
-
शहर सहकारी संस्था
-
रेशम फेडरेशन
-
हॉर्टिकल्चर फेडरेशन
-
लेबर फेडरेशन
-
राज्य समेकित भंडारण निगम
-
उपभोक्ता संघ एवं आवास संस्थाएं
✅ PACS कम्प्यूटराइजेशन में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में PACS (प्राथमिक कृषि ऋण समितियों) के कम्प्यूटराइजेशन में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने को कहा।
✅ भारत सरकार की योजनाओं में उत्तराखंड की धीमी प्रगति पर चिंता
उन्होंने कहा कि राज्य राष्ट्रीय सहकारी योजनाओं में पिछड़ रहा है, जो चिंताजनक है। सभी संबंधित विभाग कमियों की पहचान कर उन्हें तत्काल दूर करें।
डॉ. रावत का विज़न:
“सहकारिता का सशक्तिकरण ही ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की कुंजी है।”
– डॉ. धन सिंह रावत, सहकारिता मंत्री, उत्तराखंड
बैठक में उपस्थित अधिकारी:
-
अपर निबंधक: ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ला
-
संयुक्त निबंधक: नीरज बेलवाल, मंगला त्रिपाठी
-
उप निबंधक: रमिंद्री मंदरवाल
-
सहायक निबंधक (मुख्यालय): राजेश चौहान
-
अन्य वरिष्ठ अधिकारी
यह बैठक उत्तराखंड के सहकारी ढांचे को नवाचार, प्रौद्योगिकी और जन-समर्पित दृष्टिकोण के साथ मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।