देहरादून ,
राज्य में निर्माण गतिविधियों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को सचिवालय में आवास सचिव Dr. R. Rajesh Kumar की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर निर्माण प्रक्रियाओं और आम नागरिकों पर पड़ेगा।
मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
बैठक में तय किया गया कि नियोजित क्षेत्रों के बाहर स्थित परियोजनाओं के मानचित्र स्वीकृति सिस्टम को Uttarakhand Real Estate Regulatory Authority (रेरा) की निर्माणाधीन वेबसाइट से जोड़ा जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेगी। साथ ही संबंधित प्राधिकरणों को भी इस पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क पर पुनर्विचार
1 अगस्त 2025 के शासनादेश के तहत बढ़ाए गए भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क पर भी बैठक में चर्चा हुई। वर्तमान में आवासीय/पर्यटन उपयोग के लिए सर्किल रेट के बराबर और व्यावसायिक उपयोग के लिए 1.5 गुना शुल्क लिया जा रहा है। अधिकारियों ने माना कि इससे आम लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इस पर Dr. R. Rajesh Kumar ने सभी विकास प्राधिकरणों को एक सप्ताह के भीतर संशोधित प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
पंचायतों का नक्शा पास करने का अधिकार समाप्त
बैठक में स्पष्ट किया गया कि आवास विभाग के अधिसूचित क्षेत्रों में अब पंचायती राज संस्थाएं नक्शा पास नहीं कर सकेंगी। 2025 के संशोधित अधिनियम के तहत यह अधिकार केवल विकास प्राधिकरणों के पास रहेगा। इस संबंध में संबंधित विभागों को तुरंत सर्कुलर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध कॉलोनियों और निर्माण पर कड़ी निगरानी
निर्णय लिया गया कि अधिसूचित क्षेत्रों के बाहर भी यदि अवैध कॉलोनियां विकसित होती हैं या भूखंडों का उपविभाजन होता है, तो Uttarakhand Real Estate Regulatory Authority के माध्यम से सख्त निगरानी और कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्राधिकरणों और रेरा के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।
कॉमन ड्राफ्ट से होगी सख्त कार्रवाई
अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को एक कॉमन ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह सभी प्राधिकरणों के लिए एक समान कानूनी ढांचा उपलब्ध कराएगा, जिससे कार्रवाई तेज और प्रभावी होगी।
बैठक के अंत में Dr. R. Rajesh Kumar ने कहा कि रेरा पोर्टल से जुड़ी ऑनलाइन व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार में कमी आएगी और आम लोगों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर से राहत मिलेगी।