देहरादून ,
आगामी चारधाम एवं हेमकुण्ड साहिब यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुचारू बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तराखण्ड के पुलिस महानिदेशक Deepam Seth ने सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में की। बैठक में चारधाम यात्रा मार्गों, धामों और संबंधित जनपदों में सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में गढ़वाल परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लेते हुए अपने-अपने जिलों की कार्ययोजना प्रस्तुत की। डीजीपी ने यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
7000 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
चारधाम यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है। यात्रा के दौरान सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए लगभग 7000 पुलिसकर्मी 24×7 तैनात रहेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई धामों की जिम्मेदारी
चारों धामों और प्रमुख यात्रा स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है—
- गंगोत्री धाम: ADG अपराध एवं कानून व्यवस्था V. Murugesan
- बद्रीनाथ धाम: ADG प्रशासन A. P. Anshuman
- हरिद्वार: IG पी/एम Vimmi Sachdeva
- केदारनाथ धाम: IG साइबर/पीएसी Nilesh Anand Bharne
- यमुनोत्री धाम: IG प्रशिक्षण Anant Shankar Takwale
- ऋषिकेश-लक्ष्मणझूला-मुनिकीरेती: IG अपराध एवं कानून व्यवस्था Sunil Kumar Meena
आईजी गढ़वाल रेंज बने नोडल अधिकारी
चारधाम यात्रा-2026 के लिए Rajiv Swaroop, आईजी गढ़वाल रेंज को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। गढ़वाल रेंज कार्यालय में “एकीकृत चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम” स्थापित किया गया है, जहां से धामों, यात्रा मार्गों और ठहराव स्थलों की 24×7 मॉनिटरिंग की जाएगी।
यातायात और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक योजना तैयार की गई है—
- 118 पार्किंग स्थल चिन्हित
- 52 बॉटल नेक प्वाइंट, 109 लैंडस्लाइड क्षेत्र, 274 दुर्घटना संभावित स्थल और 61 ब्लैक स्पॉट चिन्हित
- ट्रैफिक और मौसम की जानकारी लाइव मोबाइल अलर्ट के जरिए उपलब्ध
- मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग और आधुनिक तकनीक से निगरानी
सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी
पूरी यात्रा पर निगरानी के लिए हाई-टेक कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया गया है।
- धामों में 92 सीसीटीवी कैमरे
- यात्रा मार्ग पर 1168 सीसीटीवी कैमरे
- हवाई निगरानी के लिए 15 ड्रोन तैनात किए जाएंगे
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं
- 48 हॉल्टिंग पॉइंट विश्राम के लिए
- 09 ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सेंटर
- 57 टूरिस्ट पुलिस सहायता केंद्र
आपदा प्रबंधन की विशेष तैयारी
किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए—
- 80 स्थानों पर आपदा टीमें
- 37 स्थानों पर SDRF
- 30 स्थानों पर फायर सर्विस
- 32 स्थानों पर जल पुलिस/गोताखोर
- 8 NDRF टीमें और 2 सब-टीमें देहरादून, हरिद्वार, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में तैनात रहेंगी
साइबर ठगी और फर्जी वेबसाइटों पर निगरानी
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और हेली टिकट से जुड़ी फर्जी वेबसाइटों और साइबर ठगी पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल और कैमरे पर SOP लागू
चारधाम मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरे के उपयोग को लेकर जारी मानक SOP का सख्ती से पालन कराया जाएगा। साथ ही ब्लॉगर और यूट्यूबर की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाएगी।
डीजीपी का संदेश
डीजीपी Deepam Seth ने कहा कि चारधाम और हेमकुण्ड साहिब यात्रा उत्तराखण्ड का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।