देहरादून ,
उत्तराखण्ड में शिक्षा व्यवस्था में एक नई पहल करते हुए इस वर्ष शिक्षा सत्र शुरू होते ही छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। पहली बार नए शैक्षिक सत्र के मात्र एक सप्ताह के भीतर प्रदेशभर के राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 23,71,789 निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें छात्र-छात्राओं को वितरित कर दी गईं।
यह उपलब्धि प्रदेश के शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat के नेतृत्व और शिक्षा विभाग के प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। समय पर किताबें मिलने से विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और बच्चों को पढ़ाई में भी सुविधा मिल रही है।
शिक्षा विभाग ने वर्षों से चली आ रही देरी की परंपरा को तोड़ते हुए पहली बार कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को सत्र शुरू होते ही निःशुल्क किताबें उपलब्ध कराई हैं। विभाग के अनुसार शैक्षिक सत्र 2026-27 के आरंभ के एक सप्ताह के भीतर ही लाखों किताबें छात्रों तक पहुंचा दी गईं।
जिलावार किताबों का वितरण
प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वितरित पुस्तकों का विवरण इस प्रकार है—
- Almora – 1,37,334
- Bageshwar – 46,891
- Chamoli – 1,29,461
- Champawat – 78,142
- Dehradun – 4,36,134
- Haridwar – 4,46,311
- Nainital – 1,97,687
- Pauri Garhwal – 1,07,799
- Pithoragarh – 1,18,329
- Rudraprayag – 74,869
- Tehri Garhwal – 1,04,559
- Udham Singh Nagar – 4,25,176
- Uttarkashi – 69,097
78 लाख से अधिक किताबों की मांग
शिक्षा विभाग को प्रदेशभर से कुल 78,18,145 पाठ्यपुस्तकों की मांग प्राप्त हुई थी, जिसमें से अधिकांश पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं। शेष पुस्तकों का वितरण भी तेजी से किया जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालयों में किताबों की कमी न हो, इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग और फीडबैक लिया जाए।
समय पर किताबें मिलने से जहां विद्यालयों में पढ़ाई बिना किसी बाधा के चल रही है, वहीं छात्रों में पढ़ाई के प्रति उत्साह भी बढ़ा है। अभिभावकों ने भी सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार बताया है।