देहरादून ,
देहरादून स्थित राजभवन (लोक भवन) के प्रांगण में होली के पावन पर्व पर भव्य ‘होली मिलन समारोह’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरमीत सिंह (से.नि.) ने राजभवन परिवार के सदस्यों के साथ फूलों और गुलाल की होली खेलकर आपसी सौहार्द, प्रेम और एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि राज्यपाल ने उत्सव के साथ-साथ राजभवन के उत्कृष्ट कार्मिकों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया। इस दोहरे आयोजन से पूरा राजभवन परिसर उत्साह और गौरव से भर उठा।
🌸 फूलों की होली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
समारोह की शुरुआत पारंपरिक पहाड़ी और शास्त्रीय होली गीतों से हुई।
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सांस्कृतिक छटा: स्थानीय कलाकारों और राजभवन कर्मचारियों ने कुमाऊँनी और गढ़वाली होली गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे परिसर ‘होली है’ के उल्लास से गूंज उठा।
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पर्यावरण संरक्षण का संदेश: राज्यपाल ने रासायनिक रंगों के बजाय प्राकृतिक रंगों और फूलों से होली खेलने पर जोर दिया, ताकि पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
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सामूहिक भोज: कार्यक्रम के अंत में पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन और गुझिया का विशेष भोज आयोजित किया गया।
🏅 उत्कृष्ट कार्मिकों का सम्मान
राज्यपाल ने सुरक्षा, उद्यान, प्रशासन और स्वच्छता विभाग के चयनित कर्मचारियों को ‘प्रशस्ति पत्र’ एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता उसके प्रत्येक कर्मचारी की निष्ठा और मेहनत पर निर्भर करती है। इन कार्मिकों का सम्मान अन्य सहयोगियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
साथ ही, राज्यपाल ने कर्मचारियों और उनके परिवारों को होली की शुभकामनाएं देते हुए उनके कल्याण के प्रति राजभवन की प्रतिबद्धता दोहराई।
🎨 “होली शांति और सद्भाव का पर्व”
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा,
“होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह भेदभाव मिटाकर प्रेम और एकता के रंग में रंगने का अवसर है। राजभवन के हमारे कार्मिक ‘अदृश्य योद्धा’ की तरह कार्य करते हैं। उन्हें सम्मानित करना मेरे लिए गर्व की बात है। देवभूमि उत्तराखंड का प्रत्येक नागरिक सुख और समृद्धि के रंगों से सराबोर रहे, यही मेरी कामना है।”
यह होली मिलन समारोह सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और कर्मठता के सम्मान का प्रेरक संदेश देकर यादगार बन गया।