हरिद्वार ,
बीती रात हरिद्वार के तुलसी चौक क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब फुटपाथ से महज दो वर्ष की एक मासूम बच्ची के चोरी होने की सूचना पुलिस को मिली। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने बताया कि उनके निर्देश पर सिटी कोतवाली पुलिस, एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) और सीआईयू की कुल पांच संयुक्त टीमें गठित की गईं। टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी सौंपते हुए जनपद के संवेदनशील स्थानों, बॉर्डर क्षेत्रों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर विशेष सतर्कता बरती गई।
रात के अंधेरे में हुई इस वारदात में एक संदिग्ध साया शक के दायरे में है। पुलिस ने मैन्युअल पुलिसिंग के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
पुलिस टीमों की सक्रियता का ही परिणाम रहा कि चोरी के मात्र चार घंटे के भीतर बच्ची ऋषिकुल चौक बस स्टॉप के पास लावारिस हालत में सकुशल बरामद कर ली गई। इसके बाद मासूम को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे परिवार और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।
फिलहाल पुलिस जुटाए गए साक्ष्यों को जोड़कर अपहरणकर्ता की तलाश में जुटी है। अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में अभय प्रताप सिंह, शिशुपाल सिंह नेगी तथा विपेंद्र सिंह मौजूद रहे।