केंद्र की बड़ी सौगात: उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे के लिए ₹24,000 करोड़ का ऐतिहासिक पैकेज, चारधाम से सीमावर्ती गांवों तक बदलेगी तस्वीर

देहरादून ,
उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे के विस्तार और आर्थिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को ₹24,000 करोड़ का भारी-भरकम फंड देने का निर्णय लिया है। यह बजट विशेष रूप से अवस्थापना (इंफ्रास्ट्रक्चर) सुविधाओं को मजबूत करने के लिए आवंटित किया गया है। इस निवेश से न केवल चारधाम यात्रा मार्ग और अधिक सुगम होंगे, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों और दूरस्थ गांवों तक पक्की सड़कें, बिजली और आधुनिक पेयजल सुविधाएं भी पहुंचेंगी।

मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक सौगात के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट “आत्मनिर्भर उत्तराखंड” की नींव रखने में मील का पत्थर साबित होगा।

किन क्षेत्रों में होगा खर्च

₹24,000 करोड़ की इस राशि को राज्य की प्राथमिकताओं के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में वितरित किया गया है—

सड़क एवं परिवहन:
लंबित सड़क परियोजनाओं, नए पुलों और ऑल-वेदर रोड कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर बजट का बड़ा हिस्सा खर्च किया जाएगा।

ऊर्जा क्षेत्र:
बिजली लाइनों के आधुनिकीकरण और नए सब-स्टेशनों के निर्माण से पहाड़ी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

पेयजल योजनाएं:
‘हर घर नल से जल’ अभियान के तहत दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों में आधुनिक जलापूर्ति नेटवर्क बिछाया जाएगा।

सीमावर्ती गांवों को मिलेगा ‘वाइब्रेंट’ लुक

इस बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सामरिक दृष्टि से अहम सीमावर्ती गांवों (Vibrant Villages) के विकास पर खर्च होगा।

  • रिवर्स माइग्रेशन: बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के जरिए पलायन रोकने पर जोर।

  • सुरक्षा व संपर्क: चीन और नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में सड़कों के विस्तार से सेना की आवाजाही आसान होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटन और रोजगार को नई उड़ान

इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार का सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

  • नए और अनछुए पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होगी।

  • निर्माण कार्यों से हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

  • बेहतर सुविधाओं के कारण उद्योग जगत के बड़े निवेश उत्तराखंड की ओर आकर्षित होंगे।

प्रशासनिक तैयारी: समयबद्ध और पारदर्शी काम

राज्य सरकार ने बजट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है।

  • गुणवत्ता और पारदर्शिता: निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

  • डिजिटल ट्रैकिंग: सभी प्रमुख परियोजनाओं की निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा,
“₹24,000 करोड़ का यह निवेश उत्तराखंड की तस्वीर और तकदीर बदल देगा। हम राज्य के हर कोने में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर इसे देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह प्रधानमंत्री के उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव का प्रमाण है।”

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