देहरादून ,
76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को पदक अलंकरण कर सम्मानित किया तथा विभिन्न अधिकारियों को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मान प्रदान किया।
समारोह में सेना की 14वीं डोगरा रेजीमेंट, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, हिमाचल पुलिस, 40वीं वाहिनी पीएसी, 40वीं वाहिनी महिला दल, उत्तराखण्ड होमगार्ड्स, प्रान्तीय रक्षक दल, एनसीसी बॉयज एवं गर्ल्स, अश्व दल, पुलिस संचार, अग्निशमन एवं सीपीयू की टुकड़ियों ने भव्य परेड में भाग लिया। परेड प्रतियोगिता में सीआरपीएफ को प्रथम, आईटीबीपी को द्वितीय तथा 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य के लोक कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। छोलिया नृत्य, गढ़वाली नृत्य, पाइप बैंड सहित विभिन्न सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियों ने उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत की, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों एवं राज्य आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
समारोह में पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सांसद नरेश बंसल एवं महेन्द्र भट्ट, विधायक खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह सहित पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों का सकारात्मक उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने उत्तराखण्ड की नारी शक्ति और युवाओं द्वारा नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना के साथ एकता और अखंडता बनाए रखने का आह्वान करते हुए सभी प्रदेशवासियों से देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने की अपील की।