हल्द्वानी ,
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह सोमवार, 12 जनवरी 2026 को गरिमामय एवं भव्य वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं प्रदेश के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने की। इस अवसर पर कुल 18,146 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा स्तर की उपाधियाँ प्रदान की गईं, जबकि 6 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारम्भ शोभायात्रा, राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने शैक्षणिक सत्र 2024–25 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार, शोध गतिविधियों एवं शिक्षण गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण के प्रयासों की जानकारी दी। इसके उपरान्त कुलाधिपति द्वारा विधिवत उपाधि-प्रदान की प्रक्रिया सम्पन्न कराई गई।
पीएच.डी. उपाधि प्राप्त शोधार्थी
शिक्षाशास्त्र विद्याशाखा: संजना रौतेला, नमिता बोरा, लता आर्या
मानविकी विद्याशाखा: बसुदेव प्रसाद, शशांक शर्मा, कमल डिमरी
कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्राप्त शिक्षार्थी
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पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान: प्रेरणा भट्ट
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शिक्षाशास्त्र: प्रवेश कुमार
विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक (कुल 28)
समाज विज्ञान, शिक्षाशास्त्र, मानविकी, स्वास्थ्य विज्ञान, प्रबंध अध्ययन एवं वाणिज्य तथा विज्ञान विद्याशाखाओं के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।
प्रायोजित स्वर्ण पदक
विभिन्न स्मृति स्वर्ण पदकों से प्रेरणा भट्ट, प्रवेश कुमार, अंकिता नेगी एवं सौम्या कांडपाल को सम्मानित किया गया।
दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएच.डी. एवं स्वर्ण पदक प्राप्त विद्यार्थियों के साथ समूह फोटोग्राफ लिया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की नवनिर्मित शौर्य दीवार, हिंदी वेबसाइट, ‘प्रगति के सोपान’ तथा त्रैमासिक पत्रिका ‘उड़ान’ का लोकार्पण भी किया गया।
उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान हेतु विश्वविद्यालय के 06 शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही आईसीटी अनुभाग के विनीत पौरियाल को रेडियो ऐप ‘हैलो हल्द्वानी’ के निर्माण हेतु सम्मानित किया गया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में महामहिम कुलाधिपति ने विद्यार्थियों को सत्य, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों के साथ निरंतर सीखते रहने का संदेश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को घर-घर तक पहुँचाने का कार्य किया है तथा विभिन्न संस्थानों के साथ समझौते कर शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाया है।
समारोह के अंत में कुलसचिव द्वारा आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा राष्ट्रगान के पश्चात शोभायात्रा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय एवं राज्य के अनेक गणमान्य, कुलपति, शिक्षाविद्, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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