अधिकांश शिकायतों का मौके पर समाधान, शेष पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
ऋषिकेश,
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को ऋषिकेश तहसील परिसर में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई में 326 फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी की समस्याएं सुनीं और अधिकांश शिकायतों का ऑन द स्पॉट समाधान किया, जबकि शेष मामलों पर संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में निस्तारण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान लोगों ने पेयजल, सड़क, भूमि विवाद, प्रमाण पत्र निर्गमन, पेंशन, खाता-खतौनी, राजस्व सहित विभिन्न समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के त्वरित, प्रभावी और संवेदनशील समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनता और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होने से विकास कार्यों को गति मिलेगी।
रात 7:30 बजे तक चली मैराथन जनसुनवाई
ऋषिकेश में डीएम की जनसुनवाई शाम 7:30 बजे तक नॉन-स्टॉप चली। समाज कल्याण विभाग से जुड़ी शिकायतों की अधिकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से ऋषिकेश में सहायक समाज कल्याण अधिकारी की तैनाती के आदेश दिए।
अवैध मीट दुकानों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से मीट की दुकानें संचालित होने और बिना लाइसेंस पशु बध की शिकायत पर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त व एसडीएम ऋषिकेश को फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ संयुक्त टीम बनाकर छापेमारी एवं सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
नशामुक्ति केंद्र की जांच के आदेश
जोगीवाला के ग्रामीणों ने नशामुक्ति केंद्र से हो रही परेशानियों की शिकायत रखी। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम को जांच कर केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
वरिष्ठ नागरिकों और पीड़ितों को राहत
80 वर्षीय मनीराम ने पुत्र द्वारा संपत्ति से बेदखली की शिकायत की। वहीं बुजुर्ग धर्मराज सिंह पुंडीर और विमला देवी के भूमि विवाद मामलों में जिलाधिकारी ने विधिक सेवा प्राधिकरण को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
भटोंवाला निवासी विधवा अनीता ने पति की मृत्यु के बाद बैंक ऋण और बीमा क्लेम से जुड़ी समस्या रखी। जिलाधिकारी ने बैंक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हुए बीमा क्लेम की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के आदेश दिए।
बिजली चोरी, पानी बिल और सिंचाई नहर की शिकायतें भी उठीं
नगर निगम पार्षदों ने यूपीसीएल आवासों में बिजली चोरी और जर्जर पोलों की शिकायत की, जिस पर जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम में शामिल 17 ग्रामीण वार्डों में अधिक पानी बिल की शिकायत पर अधिशासी अभियंता को जांच रिपोर्ट देने को कहा गया।
गढ़ी एवं भल्ला फार्म में सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने की शिकायत पर भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में रजिस्ट्री में गड़बड़ी, भूमि अतिक्रमण, जमीन धोखाधड़ी, सीवर लाइन, यूनिपोल और सामाजिक पेंशन जैसे मुद्दे प्रमुखता से छाए रहे।