डॉ. वी. मुरूगेशन ने NDPS मामलों की समीक्षा की, लंबित वाणिज्यिक मात्रा के अभियोग जल्द निस्तारित करने के निर्देश

देहरादून ,

ड्रग फ्री देवभूमि मिशन के अंतर्गत आज अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड डॉ. वी. मुरूगेशन द्वारा सभी जनपद प्रभारियों व परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े NDPS एक्ट के लंबित अभियोगों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में लंबित मामलों के शीघ्र और प्रभावी निस्तारण के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक के प्रमुख निर्देश इस प्रकार रहे—

  1. 12 सितंबर 2025 की गोष्ठी में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई। वर्तमान में वर्ष 2023 के 04 तथा 2024 के 15 लंबित अभियोगों को निर्धारित समय-सीमा में निस्तारित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

  2. गढ़वाल परिक्षेत्र में 40 तथा कुमायूँ परिक्षेत्र में 47 लंबित NDPS अभियोगों की गहन समीक्षा की गई।

  3. धारा 14 गैंगस्टर एक्ट और धारा 68 NDPS एक्ट के अंतर्गत अभियुक्तों की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई में तेजी लाने पर बल दिया गया। जनपदों को बिना देरी कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  4. आदतन अपराधियों को PIT NDPS के अंतर्गत निरुद्ध करने और उनकी हिस्ट्रीशीट खोलकर निरंतर निगरानी रखने को कहा गया।

  5. ऐसे मामलों में जहाँ विवेचकों द्वारा अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया, उन विवेचकों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

  6. कई अभियोगों में तस्करी में प्रयुक्त वाहनों के गलत रजिस्ट्रेशन नंबर पाए जाने पर निर्देश दिया गया कि इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर वाहन स्वामी की पहचान कर कार्रवाई की जाए।

  7. जिन मामलों में मादक पदार्थ की परीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद भी विवेचना लंबित है, उनमें संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  8. वाणिज्यिक मात्रा के मामलों में क्षेत्राधिकारी स्तर पर चेकलिस्ट तैयार कर सभी विवेचनात्मक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

  9. कई मामलों में तस्करी नेटवर्क (Forward & Backward Links), वित्तीय जांच तथा गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई न होने पर दोनों रेंज प्रभारियों को संबंधित विवेचकों की पहचान कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही शेष विवेचना पूर्ण करने हेतु दो माह की समय-सीमा निर्धारित की गई।

गोष्ठी में सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था), धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उपमहानिरीक्षक, श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे, पुलिस अधीक्षक (अपराध) सहित पुलिस मुख्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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