छापेमारी के बाद दस्तावेजों की गहन जांच शुरू**
देहरादून ,
बिल्डरों और शराब कारोबारियों के नेटवर्क पर की गई बड़ी कार्रवाई के बाद आयकर विभाग अब गहन जांच के अगले चरण में पहुंच गया है। करीब चार दिन तक चली तलाशी कार्रवाई के बाद विभाग ने तीन प्रमुख कार्यालयों को सील कर दिया है और सभी बरामद दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल शुरू कर दी है।
छापेमारी में बरामद हुई बड़ी नकदी और आभूषण
बीते मंगलवार की सुबह इन्वेस्टिगेशन विंग ने देहरादून और दिल्ली में एक साथ कार्रवाई करते हुए रियल एस्टेट कारोबारी रमेश बत्ता, राकेश बत्ता, विजेंद्र पुंडीर, इंदर खत्री और शराब व्यवसायी प्रदीप वालिया तथा कमल अरोड़ा के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
देहरादून में 16 और दिल्ली में 4 स्थानों पर हुई तलाशी में—
-
3 करोड़ रुपये से अधिक नकदी,
-
लगभग 7 करोड़ रुपये के आभूषण व बुलियन,
-
और 22 बैंक लॉकरों का पता चला।
तीन कार्यालय सील
छापेमारी पूरी होने के बाद आयकर विभाग ने निम्न कार्यालयों को सील कर दिया है—
-
रमेश बत्ता का बल्लूपुर स्थित कार्यालय,
-
राकेश बत्ता का निलाया हिल्स कार्यालय,
-
प्रदीप वालिया का रेसकोर्स स्थित दफ्तर।
सूत्रों के अनुसार, इन कार्यालयों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनकी विस्तृत जांच आवश्यक है।
लॉकरों की जांच जारी
विभाग ने 22 बैंक लॉकरों की जांच शुरू कर दी है। रमेश बत्ता के एक लॉकर से आभूषण मिलने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्राथमिक जांच में अघोषित संपत्ति और कर चोरी के मजबूत संकेत मिले हैं, जिसके चलते विभाग ने छापेमारी खत्म होने के बाद भी तीन कार्यालयों को सील कर जांच को तेज कर दिया है।